लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादलों की तैयारी शुरू हो गई है. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद डीजीपी मुख्यालय ने उन पुलिसकर्मियों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है, जो एक ही जिले में तीन साल या उससे अधिक समय से तैनात हैं.
इस प्रक्रिया के तहत सिपाही से लेकर एडिशनल एसपी रैंक तक के 2000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के तबादले हो सकते हैं. साथ ही 20 से ज्यादा IPS अधिकारियों के भी इसकी जद में आने का अनुमान है. पुलिस मुख्यालय की स्थापना शाखा ने सभी पुलिस कमिश्नरेट और जिलों से तैनाती का रिकॉर्ड मांगा है, ताकि आयोग के मानकों के दायरे में आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान की जा सके.
निर्वाचन आयोग के निर्देश
आयोग के निर्देशों के अनुसार, एक ही जिले में तीन साल से तैनात पुलिसकर्मियों को हटाया जा सकता है. इसके अलावा गृह जिले में तैनात कर्मचारियों को भी दूसरी जगह भेजने का प्रावधान है. ऐसे पुलिसकर्मी भी तबादले के दायरे में आ सकते हैं, जिनकी तैनाती पिछले चुनाव के दौरान किसी जिले में थी और वे अब भी उसी जिले में हैं. पक्षपात या पूर्वाग्रह की शिकायतों वाले मामलों पर भी ध्यान दिया जाएगा.
यह कदम पांच राज्यों (गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) में 2027 विधानसभा चुनावों को देखते हुए उठाया गया है. यूपी के लिए कट-ऑफ तारीख 31 मई 2027 तय की गई है. राज्य सरकार को 30 नवंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजनी है.
स्क्रीनिंग कमेटी भी गठित की जा सकती है. अभी ये संख्या संभावित बताई जा रही है. अंतिम संख्या जिलों से मिलने वाले ब्योरे और स्क्रीनिंग के बाद ही स्पष्ट होगी. चुनाव अधिसूचना से पहले प्रक्रिया पूरी करने की योजना है, ताकि प्रशासनिक मशीनरी निष्पक्ष और पारदर्शी रहे.