पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है. बाढ़ के कारण खेतों में जमा बालू, रेत और गाद हटाने के लिए सरकार किसानों को सहायता राशि देगी. इसके तहत प्रति हेक्टेयर 18 हजार रुपये दिए जाएंगे. साथ ही, प्रत्येक पात्र किसान को न्यूनतम 2,200 रुपये की सहायता मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस पहल से किसानों को अपनी जमीन को दोबारा खेती योग्य बनाने में मदद मिलेगी, ताकि अगली फसल की बुआई समय पर हो सके.
इस योजना का लाभ पटना समेत 22 जिलों के बाढ़ प्रभावित किसानों को मिलेगा. इनमें भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, अरवल, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सुपौल और सहरसा शामिल हैं.
आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को प्रभावित कृषि योग्य भूमि और मत्स्य प्रक्षेत्रों का स्थलीय सत्यापन कराने का निर्देश दिया है. सत्यापन के आधार पर एसडीआरएफ या एनडीआरएफ के मानकों के तहत राशि की मांग की जाएगी.
इस साल गंगा, सोन, गंडक, कोसी सहित अन्य नदियों में आई बाढ़ के पानी उतरने के बाद खेतों में बालू और गाद जमा होने की समस्या सामने आई थी. आमतौर पर कृषि इनपुट अनुदान फसल क्षति वाले किसानों को मिलता है, लेकिन जिन खेतों में रेत-गाद जमा हो जाती है, उन्हें अब यह अतिरिक्त सहायता मिलेगी. लाखों किसानों में उम्मीद जगी है कि वे अपनी जमीन को अगली फसल के लिए तैयार कर सकेंगे.