पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 44 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई. इनमें पटना के ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर बनाने, अगले पांच सालों में एक करोड़ लोगों को उद्यमी बनाने और सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों की जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटाने जैसे बड़े फैसले शामिल हैं.
शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर योजना पर काम शुरू होगा. इसकी फिजिबिलिटी स्टडी पर 18.21 करोड़ रुपए खर्च करने की मंजूरी कैबिनेट ने दे दी है. बिहार एमएसएमई नीति-2026 को मंजूरी मिली है.
इसके तहत अगले पांच सालों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाया जाएगा. सभी 38 जिलों में एमएसएमई केंद्र खोले जाएंगे और प्रत्येक जिले में एक औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जाएगा. साथ ही राज्य में साख-जमा अनुपात को 75 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.
प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों की जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटा दी गई है. इससे इन क्षेत्रों का विकास तेज होने की उम्मीद है. इसके साथ ही मोतिहारी, पूर्णिया और छपरा में सिटी एसपी के पद सृजित किए गए हैं. नवादा के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल और गन्ना आधारित इकाइयां स्थापित होंगी. सरकार 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता देगी. बिजली वितरण व्यवस्था सुधारने के लिए तीन साल में 11,096.55 करोड़ रुपए खर्च होंगे.
बिहार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति-2026 लाने का निर्णय लिया गया. विश्वामित्र पथ, गंगा अंबिका पथ और नारायणी पथ जैसी हाईवे परियोजनाओं के लिए बजट मंजूर किया गया. आर्थिक अपराध इकाई में 143 नए पदों का सृजन किया गया. कैबिनेट बैठक में रोजगार, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अन्य प्रस्ताव भी पास किए गए.