यरूशलम: इजरायल के 27 अक्टूबर को हुए 26वीं नेसेट (संसद) के संसदीय चुनाव में किसी भी प्रमुख गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है. केंद्रीय निर्वाचन समिति के अनुसार लगभग 85-90 प्रतिशत नियमित मतों की गिनती के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी-धार्मिक ब्लॉक को 53 सीटें, पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी ब्लॉक को 48 सीटें और अरब नेतृत्व वाली पार्टियों को रिकॉर्ड 19 सीटें मिलने का अनुमान है. 120 सदस्यीय नेसेट में सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सीटों का बहुमत जरूरी है.
दोनों प्रमुख ब्लॉक इससे काफी दूर हैं. नेतन्याहू का ब्लॉक वर्तमान नेसेट में 68 सीटों से घटकर 53 पर आ गया है, जो महत्वपूर्ण गिरावट है. आइजेनकोट ब्लॉक भी बहुमत से 13 सीटें पीछे है. लिकुड सबसे बड़ी पार्टी बनने की राह पर है और उसे करीब 26 सीटें मिलने का अनुमान है.
इसके बाद आइजेनकोट की यशार पार्टी 21 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है. नाफ्ताली बेनेट की बीयाचद और यूसुफ जबरीन की जॉइंट लिस्ट दोनों को 12-12 सीटें मिलने का अनुमान है. यायर गोलन के डेमोक्रेट्स को 8, जबकि अविगडोर लिबरमैन की इज़राइल बेयतेनु, शास, यूनाइटेड तोराह ज्यूडाइज्म, ओट्ज्मा येहुदित और मंसूर अब्बास की राआम को 7-7 सीटें तथा बेज़लल स्मोत्रिच की रिलिजियस ज़ायनिज़्म को 6 सीटें मिलने का अनुमान है.
उच्च मतदान और अरब पार्टियों की मजबूत उपस्थिति
चुनाव में मतदान प्रतिशत 77.7 रहा, जो 1999 के बाद सबसे अधिक है और 2022 के चुनाव से 7.1 प्रतिशत अंक अधिक. अरब मतदाताओं में मतदान लगभग 80 प्रतिशत तक पहुंचा, जिसकी वजह से अरब पार्टियों ने अपनी मौजूदा 10 सीटों को लगभग दोगुना कर 19 पर पहुंचा दिया. ये पार्टियां संभावित किंगमेकर की भूमिका में आ गई हैं, हालांकि ज्यादातर यहूदी पार्टियां उनके साथ गठबंधन से इनकार कर चुकी हैं.
नेतन्याहू का आरोप और आगे का रास्ता
नेतन्याहू और लिकुड ने अरब पार्टियों पर रिश्वत, धमकी, जालसाजी और अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए मतदान प्रभावित करने का आरोप लगाया है और पुलिस तथा शिन बेट से जांच की मांग की है. केंद्रीय निर्वाचन समिति ने व्यवस्थित धांधली के दावों को खारिज किया है, हालांकि व्यक्तिगत शिकायतों की जांच जारी है. अभी सैनिकों, विदेश में तैनात कर्मियों और अन्य के डबल एनवेलप बैलट (लगभग 4.3 से 4.8 लाख) की गिनती बाकी है.
इनसे सीटों में कुछ बदलाव हो सकता है. अंतिम आधिकारिक नतीजे 4 नवंबर तक आने की उम्मीद है. राष्ट्रपति आइजक हर्जोग विभिन्न दलों से सलाह-मशविरा के बाद सरकार बनाने का आमंत्रण देंगे. फिलहाल देश राजनीतिक अनिश्चितता और संभावित लंबे गठबंधन वार्ता या दोबारा चुनाव की ओर बढ़ रहा है. यह चुनाव 7 अक्टूबर 2023 के हमलों और उसके बाद के युद्धों के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव है.