पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अंतरिक्ष आधारित तकनीक और वैज्ञानिक नवाचार को राज्य के विकास और सुशासन के लिए अहम बताया. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी में आयोजित स्पेस एप्लीकेशन एडॉप्शन वर्कशॉप-2026 में उन्होंने ‘टेककनेक्ट’ पोर्टल का शुभारंभ किया. साथ ही बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (BIRSAC) और सर्वे ऑफ इंडिया (SOI) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए.
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
कार्यशाला की थीम ‘प्रगतिशील बिहार के लिए अंतरिक्ष आधारित समाधानों का उपयोग कर शासन को सशक्त बनाना’ थी. सम्राट चौधरी ने कहा कि अंतरिक्ष तकनीक, रिमोट सेंसिंग और वैज्ञानिक आंकड़े बाढ़ की निगरानी, जल प्रबंधन, कृषि नियोजन और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने में मदद करेंगे. उन्होंने वैज्ञानिकों से बिहार की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक एप्लीकेशन विकसित करने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि नेपाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से आने वाले जल प्रवाह के कारण बाढ़ की समस्या होती है. वर्षा में लगभग 32 प्रतिशत कमी के बावजूद गंगा, सोन और गंडक नदियों के जलस्तर पर असर देखा गया. ऐसे में वैज्ञानिक पूर्वानुमान और समन्वित जल प्रबंधन जरूरी है.
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के लक्ष्य को साकार करने के लिए विज्ञान और तकनीक को प्राथमिकता देने की बात कही. उन्होंने आर्यभट्ट और चाणक्य की विरासत का जिक्र करते हुए आधुनिक तकनीक को जोड़ने पर जोर दिया.
सम्राट चौधरी ने तकनीकी शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में 10 रुपये और पॉलिटेक्निक में पांच रुपये की फीस का जिक्र किया. उन्होंने ऐतिहासिक विरासत से प्रेरित 12 नई टाउनशिप की योजना का भी उल्लेख किया.
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव और विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी समेत अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे. टेककनेक्ट पोर्टल का उद्देश्य विभिन्न विभागों में तकनीक अपनाने और कनेक्टिविटी बढ़ाने का है.