नई दिल्ली: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की शनिवार को निर्वाचन सदन में बैठक हुई. यह विवाद सामने आने के बाद तीनों आयुक्तों की पहली औपचारिक बैठक थी.
बैठक के बाद चुनाव आयोग ने प्रेस नोट जारी कर SIR प्रक्रिया, नए मतदाताओं के नामांकन (फॉर्म-6) और आयोग के आंतरिक कामकाज से जुड़े सवालों पर सफाई दी. प्रेस नोट के साथ तीनों आयुक्तों की तस्वीर भी जारी की गई.
फॉर्म-6 पर क्या कहा?
आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR के दौरान फॉर्म-6 के साथ जोड़ी गई घोषणा (जिसमें माता-पिता के नाम से पिछली SIR से लिंकेज बताना होता है) को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है. SIR अवधि के बाहर 1960 के नियमों के अनुसार निर्धारित फॉर्म ही इस्तेमाल होंगे.
गोवा के 97 मतदाताओं का मामला
आयोग ने बताया कि गोवा में 97 पात्र मतदाता सूची से छूट गए थे. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बूथ लेवल ऑफिसरों को उनके घर जाकर फॉर्म लेने का निर्देश दिया है. इनमें से 81 ने पहले ही फॉर्म-6 जमा कर दिया है.
यह बैठक द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद हुई, जिसमें दावा किया गया था कि संधू और जोशी ने 10 महीने में 14 बार SIR संबंधी फैसलों पर आपत्ति दर्ज कराई थी. दोनों आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव को भी पत्र लिखा था. आयोग ने पहले भी कहा था कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए.