मुरादाबाद: शहीद एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में आग लगने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई की है. बैग में गंधक-पोटाश लेकर यात्रा करने के आरोपित दीपक को गिरफ्तार कर रविवार सुबह जेल भेज दिया गया. ट्रेन में आग लगने की घटना के बाद उसे पहले मुचलके पर छोड़ दिया गया था, लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उसे दोबारा हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया. घटना शुक्रवार रात करीब 11:15 बजे की है.
अमृतसर से जयनगर जा रही शहीद एक्सप्रेस के स्लीपर कोच S-6 में नगीना के पास सीट संख्या 66 और 67 के नजदीक रखे एक बैग से धुआं उठने लगा. कुछ ही देर में आग फैलने लगी और कोच में अफरातफरी मच गई. स्थिति बिगड़ती देख यात्रियों ने आपातकालीन चेन खींचकर ट्रेन रोक दी. करीब 80 यात्री अपनी जान बचाने के लिए कोच से नीचे उतर गए. ट्रेन में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया गया. इसके बाद जांच पूरी होने पर ट्रेन को आगे रवाना किया गया.
जले बैग में मिला गंधक-पोटाश
मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद आरपीएफ ने प्रभावित कोच की जांच की. इस दौरान आग से जले बैग में गंधक-पोटाश के अवशेष और बच्चों के खिलौने जैसी गन मिली. जांच में यह बैग कुशीनगर निवासी दीपक का बताया गया. प्रारंभिक जांच में बैग में रखे ज्वलनशील पदार्थ को आग लगने की संभावित वजह माना गया. वहीं, कोच के बिजली के तारों और चार्जिंग प्वाइंट की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली. बरामद सामग्री की वास्तविक प्रकृति और आग लगने के कारणों की पुष्टि के लिए फोरेंसिक जांच भी महत्वपूर्ण है.
परिवार के साथ कर रहा था सफर
रिपोर्ट के मुताबिक, दीपक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ यात्रा कर रहा था. वह हरियाणा के गोविंदगंज से गोरखपुर जा रहा था. आरोप है कि वह खेतों में जानवरों को भगाने के लिए इस्तेमाल होने वाला गंधक-पोटाश अवैध रूप से अपने बैग में लेकर चल रहा था. आरपीएफ ने मामले में रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की है. लखनऊ आरपीएफ की मदद से दीपक को ट्रेन से उतारकर मुरादाबाद लाया गया, जहां उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.