Physical assault on Mamata Banerjee: त्रिणमूल कांग्रेस सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने अपनी फेसबुक पेज पर ममता बनर्जी के साथ हुई टेलीफोनिक बातचीत शेयर की है. इसमें आरोप लगाया गया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (तत्कालीन) ममता बनर्जी ने भवानीपुर के नतीजे को "चुराया गया". उन्होंने इसे चुनाव आयोग द्वारा किया गया "अनैतिक गंदा खेल" करार दिया.
बातचीत में ममता बनर्जी ने दावा किया कि वे भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ 16वें राउंड तक लीड कर रही थीं और सिर्फ कुछ राउंड बाकी थे. फोन कॉल में वे यह आरोप लगाती सुनाई दीं कि गिनती केंद्रों में "गुंडे" घुस आए, जिन्होंने अधिकारियों और एजेंटों को धमकाया और मारा-पीटा. उन्होंने चुनाव आयोग, CRPF और स्थानीय चुनाव अधिकारियों (डीईओ और आरओ) पर दिल्ली के इशारे पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया.
भवानीपुर की जंग रोमांचक मोड़ ले चुकी थी. सुबह 8 बजे पोस्टल बैलेट खुलते ही दोनों के बीच कांटे की टक्कर शुरू हो गई. ममता बनर्जी शुरुआती राउंड में मजबूत लीड लेते हुए शुभेंदु अधिकारी पर करीब 2,000 वोटों से आगे रहीं. दूसरे राउंड में अधिकारी ने पलटवार किया और 1,500 वोटों से आगे निकल गए. अगले राउंड में फिर ममता 898 वोटों से आगे हो गईं. इसके बाद ममता बनर्जी का दबदबा रहा. सातवें राउंड तक उनकी लीड 17,000 वोटों से ज्यादा हो गई, जिसके बाद उनके आवास के बाहर जश्न शुरू हो गया. हरे गुलाल और मिठाइयां बांटी गईं.
पांच राउंड बाद लीड घटकर 7,184 रह गई, लेकिन अभी भी काफी थी. 14वें राउंड के अंत तक यह सिर्फ 4,000 वोटों से ज्यादा रह गई. तस्वीर फिनिश की ओर बढ़ रही थी. तभी गिनती रुक गई और टीएमसी एजेंट को हटाए जाने के आरोप लगने लगे. ममता बनर्जी के लिए यह कभी ना भूलने वाला पल था, जब 2021 में नंदीग्राम में भी शुभेंदु के खिलाफ वे लीड कर रही थीं, जब अचानक दो घंटे बिजली चली गई थी.
इस बार भी वे गिनती केंद्र पहुंच गईं, जहां शुभेंदु पहले से मौजूद थे. सबसे बड़ा ट्विस्ट अंतिम चरण में आया. तीन राउंड बाकी रहते ममता 564 वोटों से पीछे हो गईं और अंत तक अंतर बढ़ता ही गया, जिससे तृणमूल स्तब्ध रह गया. ममता बनर्जी की सबसे बड़ी शिकायत टीएमसी गिनती एजेंटों को हटाए जाने को लेकर थी, जिनकी जगह विपक्षी एजेंटों को बिठाया गया. ममता ने कहा, ''बाकी बचे राउंड भवानीपुर क्षेत्र के थे, जो पूरी तरह हमारा इलाका था. उसी समय कुछ गुंडे गिनती केंद्र में घुस आए. चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ उन्होंने मुझे पीटा और CRPF की मदद से मेरे एजेंटों को बाहर फेंक दिया.''
उन्होंने आरोप लगाया कि अंतिम राउंड में उनके पार्टी का कोई प्रतिनिधित्व गिनती हॉल के अंदर नहीं था. साथ ही ईवीएम मशीनों को बिना सील किए स्ट्रॉन्ग रूम में ले जाया गया. उन्होंने कहा, ''मैं हॉल के बाहर खड़ी हूं. मुझे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है.'' ममता ने इस स्थिति को यातना बताया और आरोप लगाया कि पहले वोटरों को SIR के जरिए हटाया गया, फिर पावर कट और गिनती केंद्र में अफरा-तफरी के बीच उनके वोट जबरन चुरा लिए गए.
उन्होंने ईवीएम मशीनों की अनियमित आवाजाही, बिना सील किए जाने और अंतिम राउंड में पारदर्शिता की कमी का भी आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने नतीजे को भाजपा की जीत नहीं, बल्कि अनैतिक गंदा खेल बताया और इसे विपक्ष की नैतिक हार करार दिया. उन्होंने कहा कि सब कुछ डॉक्यूमेंटेड है और कानूनी रूप से चुनौती दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सबूत इकट्ठा कर लिए गए हैं और वकील कल्याण बनर्जी को तथ्यों की जानकारी दी जा रही है.