पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कहते हैं कि पीओके हिंदुस्तान में खुद मिलेगा और अब विदेश मंत्री जयशंकर खुलकर कहते हैं कि पाकिस्तान से पीओके लेकर रहेंगे और पहली बार वो इसका प्लान भी मीडिया के सामने बताते हैं, जिसे सुनकर पूरे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. वहां के कई मौलाना जो पाकिस्तान में अहम पदों पर हैं, उनकी नींद उड़ गई है, वो दाढ़ी खुजाते हुए ये सोच रहे हैं कि अब हम क्या करेंगे.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को इस बात की चिंता सता रही है कि बड़े भइया नवाज शरीफ तो लंदन की फ्लाइट पकड़कर निकल लेंगे, पर मैं कहां जाऊंगा. क्योंकि एस जयशंकर ने साफ-साफ कह दिया है कि जैसे हमने कश्मीर से 370 हटाया वैसे ही पीओके को भी भारत में मिला लूंगा. क्योंकि पीओके हमारा था, है और रहेगा.
जय शंकर ने कहा कि हमने जब 370 को खत्म किया तब जनता ने समझा कि पीओके भी हमारे लिए महत्वपूर्ण है. यह संसद का एक प्रस्ताव है और देश का हर राजनीतिक दल यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पीओके, जो भारत का हिस्सा है, भारत में वापस आ जाए. आपने पीओके के बारे में पूछा है इसलिए सीधे तौर पर मैं पीओके पर जवाब देता हूं. जब एक बार आपके दिमाग में कोई बात आ जाए तो फिर वो पूरा हो ही जाता है.
यानी मोदी सरकार ने लोगों के दिमाग में पीओके लेने की बात डाल दी है और अधिकारी से लेकर सेना तक के दिमाग में ये बात फिट हो चुकी है कि ये वक्त टालने का नहीं, बल्कि तैयारी करने का है. सफल और सटीक रणनीति बनाने के लिए जयशंकर और डोभाल की जोड़ी पहले से तैयार है. बस मोदी के आदेश का इंतजार है.
वहीं पीएम मोदी एक चैनल को दिए इंटरव्यू में साफ-साफ कहते हैं कि ये विरोध और जो तीव्रता है, इसकी उम्र 4 जून तक है. 4 जून के बाद न इन लोगों की न हैसियत होगी और न इनका हौसला होगा. सिर्फ और सिर्फ मेरे देश की ताकत होगी, मेरे देश का सामर्थ्य होगा. ये जो भी है, मैं देख रहा हूं कि पूरी दुनिया भारत के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है, जब दीपक बूझने को होता है तो थोड़ा फड़फड़ाता है और ये वही फड़फड़ाहट है.
बताते चलें कि पहले से ही पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों को शुरुआती 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का आदेश दे दिया है तो फिर ये भी हो सकता है कि शुरुआती 100 दिनों में ही पीओके पर कुछ बड़ा हो जाए.