अलवर: राजस्थान के अलवर जिले में कथित धर्मांतरण मामले को लेकर शुक्रवार को कोर्ट परिसर में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. भाजपा के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने पुलिस सुरक्षा के घेरे में खड़े मुख्य आरोपी पादरी राजकुमार को सरेआम एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया. इस घटना से कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा बलों के हाथ-पांव फूल गए.
शुक्रवार को पुलिस जब दिल्ली निवासी पादरी राजकुमार को कोर्ट में पेश करने के लिए ले जा रही थी, उसी समय विहिप कार्यकर्ता और भाजपा नेता मौके पर मौजूद थे. जैसे ही पादरी बाहर निकला, ज्ञानदेव आहूजा का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने पादरी को फटकार लगाई और देखते-ही-देखते थप्पड़ मार दिया.
आहूजा ने इस दौरान कहा कि हिंदुओं का जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सनातन संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर पादरी को आहूजा के चंगुल से छुड़ाया और उसे पिछले रास्ते से अदालत में पेश किया.
धर्मांतरण का भंडाफोड़
यह पूरा मामला गुरुवार दोपहर शुरू हुआ, जब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने अलवर की तंवर कॉलोनी में एक मकान पर छापा मारा. वहां प्रार्थना सभा की आड़ में कथित रूप से गरीब और भोले लोगों का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण का खेल चल रहा था. छापे के दौरान करीब 15 लोग पिछले दरवाजे से भाग निकलने में सफल रहे.
मुख्य आरोपी पादरी राजकुमार को कार्यकर्ताओं ने दबोच लिया. भीड़ ने उसके कपड़े तक फाड़ दिए. मौके से भारी मात्रा में ईसाई धार्मिक साहित्य, भड़काऊ दस्तावेज और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ सामग्री बरामद हुई. पुलिस ने पादरी को भीड़ से बचाकर गिरफ्तार कर लिया.
आरोपी कौन है?
पूछताछ में पता चला कि पादरी राजकुमार असल में दिल्ली का कपड़ा व्यापारी है. वह पिछले 4-5 साल से दिल्ली-अलवर के बीच आ-जा कर इस नेटवर्क को चला रहा था. पुलिस अब इसके बड़े नेटवर्क, स्थानीय सहयोगियों और फंडिंग के स्रोत की जांच कर रही है. यह घटना अलवर में धर्मांतरण के खिलाफ बढ़ते आक्रोश को साफ दिखाती है. पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है.