कोटा: राजस्थान के कोटा जिले में एक प्राचीन मठ में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. चंद्रेसल गांव के करीब 1100 साल पुराने चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज (35 वर्ष) की शुक्रवार रात अज्ञात बदमाशों ने सोते हुए हालत में चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी.
महंत को गंभीर हालत में कोटा के एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. घटना बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के चंद्रेसल मठ की है, जो कोटा शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित है. मठ में कई नागा साधुओं की समाधियां और शिव मंदिर भी है.
घटना कैसे हुई?
शुक्रवार रात करीब 12 बजे हथियारबंद बदमाश मठ में घुसे.
उन्होंने दूसरे महंत नंदनवन महाराज को उनके कमरे में बंद कर दिया.
इसके बाद महंत देवानंद महाराज के कमरे में घुसकर सोते हुए उन्हें चाकू से गर्दन और पीठ पर ताबड़तोड़ वार किए.
ग्रामीणों को महंत लहूलुहान हालत में मिले. घटनास्थल पर खून बिखरा हुआ था.
महंत देवानंद महाराज मायापुरी अखाड़े से जुड़े थे और सवाई माधोपुर जिले के रजवाना गांव के रहने वाले थे. वे पिछले 4 साल से इस मठ में रह रहे थे.
हिंदू संगठनों में आक्रोश
इस घटना से साधु-संतों और हिंदू संगठनों में गुस्सा है. महंत के भाई और परिवार ने कहा कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करे, तब तक हम शव नहीं लेंगे. फिलहाल हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एमबीएस अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. यह घटना पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गई है. प्राचीन मठ में इस तरह की घटना ने स्थानीय लोगों में भी भय और आक्रोश पैदा कर दिया है.