कन्नौज (उत्तर प्रदेश): आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार दोपहर भीषण सड़क हादसा हो गया. भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक के काफिले में शामिल एस्कॉर्ट स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराकर कई बार पलट गई. इस हादसे में पूर्व सांसद की सुरक्षा में तैनात हेड कांस्टेबल अभिषेक त्रिपाठी (50) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक सिपाही और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए.
घटना सकरावा थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव के पास किलोमीटर 145 पर करीब दोपहर 2 बजे हुई. पूर्व सांसद सुब्रत पाठक दिल्ली से कन्नौज लौट रहे थे. उनके काफिले के पीछे सुरक्षा कर्मियों की स्कॉर्पियो चल रही थी. इसमें फतेहपुर के अशोथर निवासी हेड कांस्टेबल अभिषेक त्रिपाठी, एटा के बागवाला निवासी सिपाही कुंवर पाल (32) और औरैया के एरवा कटरा निवासी चालक शरद कुमार उर्फ शारदा प्रसाद सवार थे.
अचानक स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर बीच डिवाइडर की पुलिया से टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी कई बार पलट गई. गाड़ी का अगला और बीच का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हेड कांस्टेबल चालक के बगल वाली सीट पर बैठे थे और टक्कर उनकी तरफ से हुई. सूचना मिलते ही पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची.
तीनों को मेडिकल कॉलेज तिर्वा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अभिषेक त्रिपाठी को मृत घोषित कर दिया. सिपाही कुंवर पाल की हालत गंभीर बताई गई और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, जबकि चालक शरद कुमार को ICU में भर्ती कराया गया. चालक के हाथ और दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं.
पूर्व सांसद सुब्रत पाठक की गाड़ी हादसे वाली स्कॉर्पियो से करीब 200 मीटर आगे चल रही थी. सूचना मिलते ही वे मौके पर लौटे और घायलों को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया. डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, एसपी विनोद कुमार, राज्यमंत्री कैलाश सिंह राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया समेत कई नेता मेडिकल कॉलेज पहुंचे.
एयरबैग का मुद्दा भी चर्चा में
हादसे के बाद चर्चा हो रही है कि अगर हेड कांस्टेबल की तरफ का एयरबैग खुल जाता तो उनकी जान बच सकती थी. चालक की तरफ का एयरबैग खुल गया, जिससे उनकी जान बच गई, लेकिन अभिषेक त्रिपाठी की तरफ का एयरबैग नहीं खुला. हेड कांस्टेबल की मौत से पुलिस विभाग और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है. पुलिस जांच कर रही है.