पटना : बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने नया मोड़ ले लिया है. अब इस मामले में बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) अभयानंद ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि जो वीडियो और दृश्य सामने आए हैं, उन्हें देखकर यह मामला एनकाउंटर नहीं बल्कि सरासर हत्या प्रतीत होता है.
पूर्व DGP अभयानंद ने बातचीत में कहा कि एनकाउंटर शब्द का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. उनके मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति की हत्या की गई है और जांच में पर्याप्त सबूत सामने आते हैं तो दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलना चाहिए. उन्होंने कहा कि हत्या के मामलों में कानून के तहत आजीवन कारावास या फांसी जैसी सजा का प्रावधान है.
अभयानंद ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और केवल गोली चलाने वालों ही नहीं, बल्कि आदेश देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए. उन्होंने कॉल डिटेल रिकॉर्ड और साइबर फॉरेंसिक जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने की जरूरत बताई.
दरअसल, 17 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी. पुलिस का दावा है कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जबकि परिजनों का आरोप है कि भरत तिवारी आत्मसमर्पण करने को तैयार थे और इसके बावजूद उन्हें गोली मारी गई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बन गया है. जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी हुई है.