30 जून रविवार को जनरल उपेंद्र द्विवेदी भारतीय सेना के 30वें प्रमुख के रूप में कमान संभाल ली है. इससे पहले उपेंद्र द्विवेदी उप प्रमुख का पद संभाल रहे थे. उन्होंने जनरल मनोज सी पांडे की जगह ली है. उपेंद्र द्विवेदी के बारे में विख्यात है कि वे पाकिस्तान और चीन की हर कमजोरी से वाकिफ है, ऐसे में इस खबर को सुनकर पाकिस्तान और चीन में हड़कंप मच गया है. बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को नए सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया था, जिसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वे जल्द पदभार संभाल सकते हैं.
नए सेना प्रमुख जम्मू-कश्मीर राइफल्स से जुड़ें है और इसी वर्ष फरवरी से उप प्रमुख का पद संभाल रहे थे. मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि 1 जुलाई, 1964 को जन्मे उपेंद्र द्विवेदी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और सैनिक स्कूल रीवा से पढ़ाई की है. वहीं सेना प्रमुख के शुरुआती कार्य की बात करें तो वे जनवरी 1981 में राष्ट्रीय रक्षा एकेडमी में शामिल हुए और 15 दिसंबर 1984 को उन्हें जम्मू-कश्मीर राइफल्स की 18वीं बटालियन में कमिशन मिला, जिसकी बाद मेँ उन्होंने कमान भी संभाली और कश्मीर घाटी व राजस्थान के रेगिस्तान में आतंकवाद गतिविधियों पर लगाम लगाने में अहम भूमिका अदा की.
महत्वपूर्ण कार्य और पद संभाल चुके हैं द्विवेदी
बता दें कि उपेंद्र द्विवलेदी ने लगभग 40 वर्षों की अपनी लंबी और प्रतिष्ठित सेवा के दौरान विभिन्न कमानों, स्टाफ, प्रशिक्षण संबंधी और विदेशी नियुक्तियों में कार्यरत रहे हैं. उन्हें चीन और पाकिस्तान की ओर से उत्पन्न चुनौतियों की गहरी समझ है और इन दोनों देशों की किसी भी कायराना हरकत का जवान देने में सक्षम हैं. नए प्रमुख को अति विशष्ट सेवा पदक, परम अति विशष्ट सेवा पद और 3 JOC-IN-C प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है.