नई दिल्ली: गाजियाबाद के लोनी इलाके में अंधविश्वास और लालच ने एक दर्दनाक हत्याकांड को जन्म दिया. तीन दोस्तों ने मिलकर अपने ही साथी को मौत के घाट उतार दिया, सिर्फ इसलिए कि उन्हें डर था कि वह खुद उन्हें नरबलि के रूप में इस्तेमाल कर अमीर बनने का तांत्रिक मंत्र पूरा कर सकता है. घटना के खुलास के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गई है.
क्या है पूरा मामला?
14 जनवरी की सुबह ट्रॉनिका सिटी इलाके में पुलिस को एक जला हुआ बैटरी ऑटो मिला, जिसमें एक पूरी तरह झुलसा हुआ शव था. शव इतना क्षतिग्रस्त था कि लिंग की पहचान तक मुश्किल हो गई. यह एक 'ब्लाइंड मर्डर' केस लग रहा था. पुलिस की जांच में शव की पहचान मिल्क विकास नगर निवासी 35 वर्षीय नवीन कुमार के रूप में हुई, जिसकी शिनाख्त उसके छोटे भाई नितिन ने की. नवीन एक ऑटो चालक था. तीन टीमों ने केस सुलझाने के लिए काम किया. शनिवार को चेकिंग के दौरान पुलिस ने पंचलोक गेट के पास दो आरोपियों को पकड़ा - पवन और सागर उर्फ पंडित. इनके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया बैटरी ऑटो और गैस सिलेंडर बरामद हुआ. तीसरा आरोपी नसीम अभी फरार है.
चौंकाने वाला खुलासा
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि पुलिस फरार नसीम की तलाश में जुटी है. यह घटना दिखाती है कि कैसे अंधविश्वास और त्वरित धन की लालच आज भी लोगों को क्रूरता की ओर धकेल सकती है, जबकि विज्ञान और तर्क की दुनिया आगे बढ़ रही है.