कल से 2 रुपए महंगे बिकेंगे पेट्रोल-डीजल, सरकार ने बढ़ाई एक्साइज ड्यूटी

Amanat Ansari 07 Apr 2025 03:43: PM 1 Mins
कल से 2 रुपए महंगे बिकेंगे पेट्रोल-डीजल, सरकार ने बढ़ाई एक्साइज ड्यूटी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ाने का ऐलान किया है. इस वजह से अब पेट्रोल-डीजल के दाम 2 रुपए बढ़ जाएंगे. नए दाम आज रात 12 बजे से लागू हो जाएंगे. अभी तक सरकार पेट्रोल पर 19.90 रुपए लीटर और डीजल पर 15.80 रुपए लीटर वसूल रही थी. वहीं अब पेट्रोल पर 21.90 रुपए लीटर और डीजल पर 17.80 रुपए लीटर एक्साइज ड्यूटी लगनी शुरू हो जाएगी. बता दें कि भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम कई कारकों पर निर्भर करते हैं. आइए एक-एक कर सभी की चर्चा करें. 

अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें: भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है. इसलिए, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों का सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है. यह कीमतें ओपेक (OPEC) देशों के उत्पादन, वैश्विक मांग-आपूर्ति और भू-राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित होती हैं.

विनिमय दर (रुपये बनाम डॉलर): चूंकि कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर में खरीदा जाता है, भारतीय रुपये और डॉलर के बीच विनिमय दर का प्रभाव पड़ता है. अगर रुपये की कीमत कम होती है, तो तेल आयात महंगा पड़ता है, जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते हैं.

केंद्र और राज्य सरकार के कर: पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले कर (एक्साइज ड्यूटी और वैट) कीमतों का बड़ा हिस्सा होते हैं. केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है, जबकि राज्य सरकारें वैट (मूल्य वर्धित कर) तय करती हैं, जो राज्य-दर-राज्य अलग-अलग होता है. इस वजह से अलग-अलग राज्यों में कीमतें भिन्न होती हैं.

रिफाइनरी लागत: कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल में बदलने की प्रक्रिया में रिफाइनिंग लागत भी शामिल होती है. यह तेल कंपनियों के संचालन और तकनीकी खर्च पर निर्भर करती है.

वितरण और परिवहन लागत: पेट्रोल और डीजल को रिफाइनरी से पंप तक पहुंचाने में परिवहन, भंडारण और डीलर कमीशन जैसे खर्च भी कीमत में जुड़ते हैं.

वैश्विक और घरेलू मांग-आपूर्ति: यदि मांग बढ़ती है या आपूर्ति में कमी आती है (जैसे प्राकृतिक आपदा या उत्पादन में कटौती), तो कीमतें प्रभावित होती हैं.

तेल कंपनियों की नीतियां: भारत में तेल कंपनियां (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) कीमतों को दैनिक आधार पर संशोधित करती हैं. यह डायनेमिक प्राइसिंग पॉलिसी भी कीमतों को प्रभावित करती है. संक्षेप में, पेट्रोल और डीजल की कीमतें वैश्विक तेल बाजार, रुपये की मजबूती, करों और स्थानीय लागतों के संयोजन से तय होती हैं.

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