नई दिल्ली: भारत सरकार ईरान में जारी अशांति और सुरक्षा चिंताओं के बीच वहां फंसे भारतीय नागरिकों की निकासी के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार कर रही है. सूत्रों के अनुसार, निकासी का पहला जत्था कल सुबह से ही उड़ान भर सकता है. सूत्रों के मुताबिक, ईरान में बदलती स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) उन भारतीय नागरिकों की वापसी की व्यवस्था कर रहा है जो भारत लौटना चाहते हैं.
भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं छात्र
India Today News वेबसाइट ने दावा किया कि उन्हें सरकारी सूत्रों से खबर मिली है कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने विभिन्न क्षेत्रों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों से संपर्क करना शुरू कर दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन देश छोड़ना चाहता है. हालांकि, कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएँ बंद होने और फोन लाइनों के बीच-बीच में काम करने के कारण यह काम भौतिक रूप से (फील्ड में जाकर) किया जा रहा है.
जी-जान से मदद कर रहे अधिकारी
India Today News वेबसाइट आगे बताया कि दूतावास के अधिकारी जमीन पर उतरकर छात्रों की पहचान कर रहे हैं और उनके विवरण एकत्र कर रहे हैं क्योंकि इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है और दूरसंचार अविश्वसनीय है. सरकारी सूत्रों ने यह भी कहा कि सुरक्षा स्थिति के तेजी से बदलने के मद्देनजर तेज प्रतिक्रिया के लिए तैयारियां चल रही हैं, जिसमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी की सुविधा शामिल है.
ईरान के पूरे 31 प्रांतों में हो रहे प्रदर्शन
बता दें कि ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. अशांति पिछले महीने के अंत में ईरानी रियाल के तेज गिरावट के बाद शुरू हुई थी और अब यह पूरे 31 प्रांतों में फैल चुकी है, जो अब व्यापक राजनीतिक प्रदर्शनों में बदल गई है. मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर दमन में कम से कम 3,428 लोग मारे जा चुके हैं, और हाल के दिनों में स्थिति बहुत तेजी से बिगड़ी है.
ईरान में 10,000 से अधिक भारतीय
आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, वर्तमान में ईरान में 10,000 से अधिक भारतीय हैं, जिनमें छात्र भी शामिल हैं. बुधवार को भारत ने देश में मौजूद सभी अपने नागरिकों को उपलब्ध माध्यमों से ईरान छोड़ने की सलाह दी थी और ईरान की ओर गैर-जरूरी यात्रा से बचने को कहा था. तेहरान में भारतीय दूतावास ने एक औपचारिक एडवाइजरी में छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों से ईरान छोड़ने का आग्रह किया, जिसमें वाणिज्यिक उड़ानों या अन्य उपलब्ध परिवहन साधनों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई. इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात की थी.