नई दिल्ली: गुजरात के मेहसाना जिले के एक दंपति और उनकी तीन साल की बेटी को लीबिया में कथित तौर पर बंधक बना लिया गया है. अपहरणकर्ताओं ने 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है. यह जानकारी मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से दी है. किस्मतसिंह चावड़ा, उनकी पत्नी हीनाबेन और बेटी देवांशी को उत्तरी अफ्रीकी देश लीबिया में उस समय बंधक बना लिया गया जब वे पुर्तगाल जाने की कोशिश कर रहे थे, जहां चावड़ा का भाई रहता है.
यह बात मेहसाना के पुलिस अधीक्षक हिमांशु सोलंकी ने कही. मेहसाना जिले के बदलपुरा गांव के निवासी यह परिवार पुर्तगाल में बसने की योजना के साथ वहां स्थित एक एजेंट की मदद से यात्रा कर रहा था. इस घटना की जानकारी मेहसाना कलेक्टर एस.के. प्रजापति को भी दे दी गई है. पुलिस के अनुसार, परिवार 29 नवंबर को अहमदाबाद से दुबई के लिए उड़ान भरा था. दुबई से उन्हें लीबिया के बेंगाजी शहर ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया गया.
सोलंकी ने कहा, “चावड़ा का भाई पुर्तगाल में बसा हुआ है और परिवार वहां के एक एजेंट की मदद से यात्रा कर रहा था. इस मामले में शामिल एजेंट भारतीय नहीं हैं.” अपहरणकर्ताओं ने मेहसाना में परिवार के रिश्तेदारों से संपर्क कर 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है. मीडिया सूत्रों के अनुसार, स्थानीय विधायक सीजे चावड़ा ने भी इस मुद्दे को राज्य और केंद्र सरकार के सामने उठाया है.
कलेक्टर प्रजापति ने कहा कि पीड़ित के रिश्तेदारों ने उन्हें शुक्रवार (13 दिसंबर, 2025) को इस बारे में बताया. “इस मामले को राज्य सरकार के साथ-साथ विदेश मंत्रालय के ध्यान में लाया गया है.” इससे पहले अक्टूबर में गांधीनगर जिले के दो गांवों के चार लोग, जिनमें एक दंपति भी शामिल था, ऑस्ट्रेलिया जाने के क्रम में ईरान पहुंच गए थे. उन्होंने दावा किया था कि उन्हें बंधक बनाया गया था और भारतीय सरकार के हस्तक्षेप के बाद उन्हें रिहा किया गया.