हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से भाई के प्यार, हिम्मत और अनोखी सूझबूझ का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक को जहरीले सांप ने डस लिया, जिसके बाद जहर के असर से वह तेजी से अचेत होने लगा। अस्पताल ले जाते वक्त भाई ने उसे बेहोश होने से रोकने के लिए रास्ते भर 150 से अधिक थप्पड़ जड़ दिए ताकि वह जागता रहे और जहर सीधे मस्तिष्क पर असर न डाले। समय पर अस्पताल पहुंचने और भाई के इस साहसी प्रयास की बदौलत युवक की जान बच गई।
क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, हरदोई के ग्रामीण क्षेत्र में युवक खेत या घर के पास काम कर रहा था, तभी अचानक उसे एक जहरीले सांप ने डस लिया। सांप के काटते ही युवक की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। शरीर में जहर फैलने के कारण उसकी आंखें बंद होने लगीं और वह सुध-बुध खोने लगा।
परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस और वाहन का इंतजाम किया और उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र/जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी की। हालांकि, रास्ते में युवक लगातार बेहोश होने की कगार पर पहुंच रहा था।
'जागते रहने की जंग' और 150 थप्पड़ सांप के काटने पर अक्सर मरीज के बेहोश होने का खतरा सबसे बड़ा होता है, क्योंकि अचेत होने पर कार्डियक अरेस्ट या सांस रुकने की आशंका बढ़ जाती है। साथ में मौजूद भाई ने तय किया कि वह किसी भी कीमत पर अपने भाई को सोने या बेहोश नहीं होने देगा।
रास्ते में जब भी युवक की पलकें झुकतीं या वह प्रतिक्रिया देना बंद करता, भाई उसे लगातार आवाज देता और गालों पर हल्के व मध्यम थप्पड़ मारकर होश में बनाए रखता। अस्पताल पहुंचने तक उसने करीब 150 से ज्यादा थप्पड़ मारकर भाई को जगाए रखा।
अस्पताल में सफल इलाज, हालत खतरे से बाहर अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने युवक को एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया और आपातकालीन उपचार शुरू किया। समय पर इलाज मिलने से युवक की जान बच गई।
चिकित्सकों ने भी माना कि सांप के काटने के मामलों में मरीज का होश में रहना और तुरंत अस्पताल पहुंचना सबसे अहम होता है। भाई के इस प्रयास ने मरीज को कोमा जैसी स्थिति में जाने से रोके रखा। अब युवक की हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है। इलाके में इस अनूठे बचाव की खूब चर्चा हो रही है।