देहरादून : उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित हरकी पैड़ी पर पूर्व मुस्लिम सद्भावना पदयात्रा के पहुंचने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. हरकी पैड़ी पर यात्रा के पहुंचने के बाद श्री गंगा सभा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है और मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी है. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से पूर्व मुस्लिम सद्भावना पदयात्रा शुरू हुई थी, जो हरिद्वार के हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर समाप्त हुई. इस पदयात्रा में दर्जनों लोग शामिल हुए और सभी ने मां गंगा को प्रणाम किया.
यात्रा के दौरान गोल टोपी पहनकर हरकी पैड़ी पहुंचने पर विरोध शुरू हो गया. श्री गंगा सभा के सदस्य इस पर भड़क गए और उन्होंने कड़ा विरोध जताया. साथ ही मुकदमा दर्ज कराने की बात भी कही. हरकी पैड़ी पर पदयात्रा में शामिल मुसलमानों के पहुंचने के बाद से ही विरोध जारी है. श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम और उज्ज्वल पंडित ने आरोप लगाया कि झूठी अनुमति लेकर नियमों के खिलाफ काम किया गया है. उनका कहना है कि हरकी पैड़ी क्षेत्र में मुसलमानों को घुमाया गया, जो नियमों के विरुद्ध है. उन्होंने ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
न किया जाए परेशान
विरोध के बाद यात्रा में शामिल इमरोज आलम ने कहा कि सभी ने इस्लाम धर्म छोड़कर सनातन धर्म को स्वीकार कर लिया है. उनका कहना है कि सभी घर वापसी.करना चाहते हैं और हरकी पैड़ी में गंगा पूजन कर सनातन धर्म अपनाना चाहते हैं. उन्होंने बताया कि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य यह है कि इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म में शामिल हुए लोगों को परेशान न किया जाए. इस पदयात्रा में संत रामविलास दास महाराज सहित कई साधु-संत भी शामिल हुए.
बिजनौर से शुरू हुई थी यात्रा
पदयात्रा 11 अप्रैल को बिजनौर के गंगा बैराज से शुरू हुई थी और रविवार को हरकी पैड़ी पहुंची. हरकी पैड़ी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से ही विवाद बढ़ गया है. गोल टोपी पहनकर आने की वजह से हरिद्वार में इस यात्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग उठी है.
नियमों के खिलाफ हुआ है कार्य
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म में शामिल होने वाले सभी लोगों का स्वागत है. हालांकि, वीडियो में हरकी पैड़ी पर कई लोग गोल टोपी पहने दिखाई दे रहे हैं, जिससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा है. उन्होंने यह भी कहा कि हरकी पैड़ी क्षेत्र में नियमों के अनुसार मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए.