लखनऊ: राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के उफान ने हाहाकार मचा दिया है। उन इलाकों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है, जिन्हें सुरक्षित माना जा रहा था। लाखों लोग अपने ही घरों में कैद हो गए हैं, जबकि कई कॉलोनियों से लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं। प्लासियो मॉल और एमार गोमती ग्रीन्स सोसाइटी तक पानी पहुंच चुका है।
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके फैजुल्लागंज, इटौंजा और बीकेटी हैं। घुटनों तक पानी में लोग आ-जा रहे हैं। जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने खुद घुटने भर पानी में उतरकर तथा नावों से बरावन कला, सैथा, जेहटा जैसे क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता देने तथा 10 अतिरिक्त नावें लगाने के निर्देश दिए। रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाने और दाऊद नगर में अतिरिक्त कंट्रोल रूम बनाने के आदेश भी दिए गए।
फैजुल्लागंज के पवन विहार में लोगों ने नाव न मिलने पर पुलिस से नोक-झोंक की। लोहरामऊ, श्याम सुंदर कॉलोनी, गोमती पुरम, गणेश विहार, मामा कॉलोनी, दाऊद नगर, दुर्गा कॉलोनी, पवन विहार और कृष्णा विहार में लोग घरों में फंसे हैं। कई परिवारों को भोजन और पेयजल की कमी का सामना करना पड़ रहा है। रात में निजी नावें चलने से चोरी का खतरा भी बना हुआ है।
इटौंजा में राहत सामग्री बांटने पहुंचे विधायक योगेश शुक्ला की गाड़ी ग्रामीणों ने रोक ली और हंगामा किया। लोग मोटरबोट, भोजन और राशन की मांग कर रहे थे। प्लासियो मॉल के आसपास जलभराव का खतरा पैदा होने पर नगर निगम और एलडीए की टीमें मौके पर पहुंचीं। नाले को बंद कराया गया और पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है। एमार गोमती ग्रीन्स सोसाइटी के पास भी खतरा मंडरा रहा है, जहां नाले के पास इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन है।
पानी पहुंचने पर बिजली ठप होने का डर है। फैजुल्लागंज और दाउद नगर में जलभराव के कारण 11 ट्रांसफॉर्मरों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।