न वो IPS हैं, न उत्तर प्रदेश के डीजीपी, पर चित्रकूट से प्रयागराज तक का प्लान उनके कहने पर ही बना!

Global Bharat 01 Mar 2023 3 Mins
न वो IPS हैं, न उत्तर प्रदेश के डीजीपी, पर चित्रकूट से प्रयागराज तक का प्लान उनके कहने पर ही बना!

वो सीएम योगी के आंख और कान दोनों हैं, जो दिखता है वो नहीं बताते, बल्कि जो होने वाला है उसका सटीक विश्लेषण बताते हैं, दिल्ली से लेकर कश्मीर तक क्या चल रहा है, उसकी हर बात योगी तक पहुंचाते हैं, यूपी के 75 जिलों में कब कहां निवेश होना है और कहां किस माफिया पर सख्ती बरतनी है, इसका हर लेखा-जेखा वो सीएम साहब को ऐसे बताते हैं, जैसे हर किसाी की कुंडली उनके दिमाग में फिट हो, आधी रात हो या सुबह के 5 बज रहे हों, जब भी जरूरत पड़ती है सीधा योगी को फोन मिलाते हैं और कहते हैं सर, हमारी राय में हमें ये कदम उठाना चाहिए, अभी चित्रकूट की ड़िप्टी जेलर चंद्रकला को जब गिरफ्तार किया गया, तो लखनऊ से लेकर चित्रकूट तक कैसे क्या होना है, इसकी पूरी रिपोर्ट सीएम योगी से पहले उन तक पहुंच रही थी, यहां तक कि प्रयागराज कांड के बाद हर एक्शन का खाका भी उन्होंने खींचा, वो अलग बात है कि पुलिस अपने हिसाब से चीजों को हैंडल करती है, पर उनका दबदबा इतना है कि मिनटों में बड़े-बड़े फैसले पलट जाते हैं, अब आप भी सोच रहे होंगे कि इतना पावरफूल शख्स कौन है, जिस पर सीएम योगी भी आंख बंदकर भरोसा करते हैं तो उनका नाम है अवनीश अवस्थी. जो एक IAS ऑफिसर रहे हैं, जिनके रिटायर होते ही स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा अमित मोहन प्रसाद को मिला तो मंत्री ब्रजेश पाठक से ही उनकी लड़ाई हो गई. बाद में योगी के बीच में आने पर मामला सुलझा, पर अवनीश अवस्थी और योगी की जोड़ी इतनी शानदार है कि जब योगी सीएम भी नहीं बने थे, तभी से ये योगी के करीब हो गए थे.
IIT कानपुर से पढ़े अवनीश अवस्थी जब गोरखपुर के डीएम थे, तभी सीएम योगी का अंदाज उन्हें पसंद आ गया था
गोरखपुर के अलावा अवनीश अवस्थी ललितपुर, आजमगढ़, बदायूं, फैजाबाद, वाराणसी और मेरठ के डीएम भी रहे
पर योगी जब 2017 में सीएम बने तो अवनीश अवस्थी केन्द्रीय मंत्रालय में थे, जहां से रिलीव कर इन्हें यूपी बुलाया गया
यूपी आते ही योगी ने इन्हें कई विभागों का जिम्मा दिया, अपना प्रधान सचिव बनाया औऱ फिर सलाहकार बना लिया
यूपी इन्वेस्टर्स समिट से लेकर बुंदलेखंड एक्सप्रेसवे, और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक का काम इन्होंने अपनी देखरेख में करवाया और अगस्त 2022 में जब रिटायर हुए तो सीएम योगी ने इन्हें सलाहकार बना लिया. कहते हैं इनकी सलाह इतनी सटीक होती है कि 6 सालों में सीएम योगी को किसी फैसले पर कोर्ट से वैसी फटकार नहीं लगी, जैसी दूसरे राज्य सरकारों को बराबर लगती रहती है. बुलडोजर मॉडल से लेकर अभी माफियों को मिट्टी में मिला देने तक के नए मॉडल के पीछे भी इनकी ही सोच बताई जाती है, इसी का परिणाम है सीएम योगी ने इन्हें एक साल के लिए और एक्सटेंशन दे दिया है, मतलब 29 फरवरी 2024 तक अब अवनीश अवस्थी सीएम योगी के प्रशासनिक सलाहकार बने रहेंगे. अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने बकायदा इसका आदेश जारी किया है.इस आदेश के आने के बाद से कई लोगों में खलबली मची है.
अब्बास अंसारी और उसकी पत्नी निकहत की जेल में मुलाकात कराने वाली डिप्टी जेलर चंद्रकला की धड़कनें बढ़ गईं हैं
जबकि गुजरात जेल में बंद अतीक अपने दिन गिनने लगा है, अलग-अलग जिलों में छिपे माफिया ये सोच रहे, पता नहीं अब क्या होगा
क्योंकि योगी ने तो कह दिया है माफिया को मिट्टी में मिला दूंगा, पर कुछ माफिया अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं, जिन्हें न तो बुलडोजर से डर लग रहा, न सीएम योगी के तेवर से, ऐसे में उन्हें असल सजा देने का प्लान हो सकता है सलाहकार साहब ही बनाएं, जिसके बाद यूपी में हमेशा हमेशा के लिए शांति आ जाएगी और निवेश के दरवाजे तो ऐसे खुलेंगे कि उत्तर प्रदेश को दिन-दुनी रात चौगुनी तरक्की करने से कोई ताकत नहीं रोक पाएगी. ऐसे तेज तर्रार नीति निर्माताओं के लिए आपको भी कमेंट में दो शब्द लिखना चाहिए, और स्टोरी उन लोगों तक जरूर पहुंचानी चाहिए, जो ये समझ नहीं पा रहे कि सीएम योगी की ऐसी सटीक नीतियां बना कौन रहा है.
ब्यूरो रिपोर्ट ग्लोबल भारत टीवी

https://youtu.be/NS3KHY41OMo

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