Neha murder case Ashok Nagar: 19 साल की एक लड़की जो नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के अशोक नगर में अपने परिवार के साथ रहती थी, उसे पांचवीं मंजिल से उसका ही दोस्त नीचे फेंक देता है, अस्पताल में इलाज के दौरान वो दम तोड़ देती है. घरवाले कहते हैं नेहा को तौफीक ने मारा है, उसी ने उसे छत्त से फेंक दिया, वो बुर्का पहनकर घर की छत्त पर पहुंचा था, तौफीक की तलाश में पुलिस की टीमें लगती हैं, यूपी के रामपुर से उसे गिरफ्तार कर दिल्ली लाया जाता है, यहां पूछताछ होती है, उधर मीडियावाले तौफीक के घर पहुंच जाते हैं, जहां तौफीक के बड़े भाई ने चौंकाने वाला दावा किया. तौफीक के भाई निजाम का दावा सुन पुलिस भी हिल जाएगी. निजाम का कहना है
“मेरा भाई तौफीक दिल्ली के नत्थु कॉलोनी अशोक नगर में पल्लेदारी यानि मजदूरी करता था. वो कई दुकानों में काम करता था. ये सही बात है कि नेहा से हमारा भाई मोहब्बत करता था, लेकिन हमारा भाई नेहा को मना करता था कि हमलोग आगे नहीं बढ़ सकते. मैं मुस्लिम हूं, आप हिंदू हो. लेकिन वो लड़की मानने को तैयार नहीं थी. उस लड़की ने ये इल्जाम लगाया था कि बहुत बुरा फंसा दूंगा. हमारा भाई मजबूर हो गया तो काम पर भी कई दिनों से नहीं गया था. उसने यहां आकर बताया कि नेहा के बाप ने किया है जो किया है. मुझसे नेहा की मां ने 60 हजार रुपये उससे उधार लिए थे, पैसे लेने जब गया तो मम्मी तो थी नहीं, तो उस लड़की ने गिरेहबान पकड़ लिया और कहा तुम कहीं नहीं जाओगे, उसी दौरान लड़की का बाप आ गया, और बीच-बचाव में उसने अपनी लड़की को धक्का दे दिया. मेरा भाई बेकसूर है.”
अब यहां तौफीक के भाई के दावों पर कई सवाल खड़े होते हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि मजदूरी करने वाले तौफीक ने 60 हजार रुपये उस परिवार को कैसे दिए थे, क्या उसने अपनी सारी जमा पूंजी कर्ज बांट दी थी. और अगर वो पैसे मांगने गया था तो फिर बुर्का पहनकर क्यों गया था, जो दावा मीडिया रिपोर्ट से लेकर नेहा के घरवाले तक कर रहे हैं. तौफीक के परिवारवाले अपने लड़के को निर्दोष बता रहे हैं, फिर सवाल ये उठता है एक बाप अपनी बेटी के साथ ऐसा क्यों करेगा, वो बाप जो ये कह रहा है कि
“तौफीक मेरे घर तीन साल से आता-जाता था, मेरी बेटियां उसे राखी बांधती थी, वो उसे बहन कहता था, लेकिन उसने रिश्ते का ख्याल नहीं रखा.”
नेहा की बहन बकायदा उस जगह को भी दिखाती है, जहां नेहा औऱ तौफीक के बीच झगड़ा हुआ, उस छत्त पर एक तरफ वाशिंग मशीन रखी है, दूसरी तरफ कपड़े फैले हैं, पुलिस अब उस जगह की गहनता से जांच में जुटी है, सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस घटना को अलग नैरेटिव देने की कोशिश में लगे हैं, लेकिन नैरेटिव के चश्मे को हटाकर सच्चाई की तलाश करनी होगी. इस केस में एक खुलासा ये भी हुआ है कि
“नेहा और तौफीक के बीच दोस्ती थी. एक महीने से तौफीक उसे निकाह के लिए परेशान कर रहा था, लेकिन नेहा चूंकि उसे राखी बांधती थी, भाई मानती थी, इसलिए तौफीक ने ये कदम उठाया. सीसीटीवी फुटेज में तौफीक वहां जाता दिखा है.”
यानि एक बात तो साफ है कि तौफीक उस घर में गया, छत्त पर पहुंचा, और घटना को अंजाम दिया गया, लेकिन तौफीक के घरवाले जो कहानी बता रहे हैं, और नेहा के घरवाले जो आरोप लगा रहे हैं, उन दोनों में आसमान जमीन का फर्क है. फिलहाल सच्चाई की तलाश करना पुलिस का काम है, लेकिन आप इस पूरी घटना से एक सीख ले सकते हैं कि किसी भी अनजाने पर व्यक्ति पर ज्यादा भरोसा न करें, ये आपके लिए घातक हो सकता है.