नई दिल्ली: चक्रवात दितवा के कारण तमिलनाडु में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. दो लोग दीवार गिरने से मारे गए, जबकि एक 20 वर्षीय युवक को करंट लगने से जान गंवानी पड़ी. राज्य सरकार ने बताया कि चक्रवात ने कई क्षेत्रों में भारी व्यवधान पैदा किया है और आपात राहत कार्य जारी हैं.
राज्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के.के.एस.एस.आर. रामचंद्रन ने रविवार को राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा, “कल शाम से अब तक बारिश संबंधी घटनाओं में तीन लोगों की जान गई है. तूतीकोरिन और थंजावुर में अलग-अलग दीवार गिरने की घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई, जबकि मयिलाडुतुराई में 20 साल के एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई.”
चक्रवात का सबसे ज्यादा असर रामेश्वरम और नागपट्टिनम जैसे तटीय इलाकों पर पड़ा है, जहां लगातार बारिश से स्थानीय आधारभूत संरचना और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. क्षेत्रीय मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात दितवा इस समय लगभग उत्तर दिशा की ओर 7 किमी प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा है. रविवार दोपहर यह कडलूर से लगभग 100 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व तथा चेन्नई से करीब 180 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में स्थित था.
मौसम विभाग ने कहा, “अगले 24 घंटों में यह उत्तर तमिलनाडु-पुदुचेरी तट के समानांतर लगभग उत्तर दिशा में ही बढ़ता रहेगा. 30 नवंबर तक यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में रहेगा और तमिलनाडु-पुदुचेरी तट से न्यूनतम 60 से 30 किमी की दूरी पर रहेगा.”
अगले 24 घंटों में कडलूर, नागपट्टिनम, मयिलाडुतुराई, थंजावुर, तिरुवरूर सहित कई जिलों और पुदुचेरी में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है. तटीय क्षेत्रों में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल सकती हैं, जो झोंकों में 80 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती हैं.
समुद्र की स्थिति खतरनाक बनी हुई है; मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. तमिलनाडु सरकार ने राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 38 टीमें तैनात की हैं. अन्य राज्यों से 10 अतिरिक्त टीमें भी राहत कार्यों के लिए पहुंच गई हैं.
मंत्री रामचंद्रन ने बताया कि डेल्टा जिलों में 149 मवेशियों की मौत हो चुकी है और 57,000 हेक्टेयर से अधिक खेत प्रभावित हुए हैं. पूरे क्षेत्र में 234 झोंपड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं. विस्थापित लोगों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं.
निजी मौसम पर्यवेक्षकों के अनुसार पिछले 24 घंटों में मयिलाडुतुराई में 140 से 220 मिमी तक भारी बारिश दर्ज की गई. उनका मानना है कि चक्रवात जल्द ही कमजोर पड़ जाएगा, जिससे सीधे तट से टकराने का खतरा कम हो जाएगा.
रेड अलर्ट वाले जिलों में लोगों से घरों में रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है. चक्रवात दितवा के तट के साथ आगे बढ़ने तक आपातकालीन संचालन और निगरानी लगातार जारी रहेगी.