क्या बांग्लादेश में हिंदुओं को नहीं रहने दिया जाएगा, क्या वहां से हिंदुओं को भारत भगाने की साजिश रची जा रही है, क्या हिंदुओं के खिलाफ कट्टरपंथियों का पूरा ब्रिगेड सड़कों पर उतर पड़ा है, जो माथे पर तिलक देखते ही टूट पड़ता है, क्या भारत का पड़ोसी मुल्क औरंगजेब वाले दौर में पहुंच चुका है. क्या हिंदुओं को बचाने के लिए अब खुद योगी आदित्यनाथ को बांग्लादेश जाना होगा. योगी बस एक राज्य के मुख्यमंत्री हैं, तो वो किसी देश के मुद्दे पर दखल देने कैसे जा सकते हैं, ये समझना भी बेहद जरूरी है.पर ये बताएं उससे पहले बाबा बागेश्वर का ये बयान सुन लीजिए, जो हिंदुओं के लिए अलग देश की मांग कर रहे हैं.
सिर्फ बाबा बागेश्वर ही नहीं जगद्गुरु रामभद्राचार्य भी यही कहते हैं कि हिंदुओं की सुरक्षा होनी चाहिए. सरकार को कोई कदम उठाना चाहिए. भारत का संत समाज वहां की तस्वीरें देखकर बेहद गुस्से में है. वहां फंसे लोग एकजुट होकर लड़ने की कोशिश कर रहे हैं, पर उसके लिए भी उन्हें मदद की जरूरत पड़ेगी और फिर भारत को हर हाल में मदद के लिए खड़ा होना होगा. क्योंकि सवाल सिर्फ सनातन का नहीं बल्कि पड़ोस में शांति का भी है. इसीलिए मोदी सरकार इस मसले पर करीब से नजर बनाए हुए है और बांग्लादेश की सीमा भले ही उत्तर प्रदेश से नहीं लगती, पर योगी आदित्यनाथ खुद इस मसले पर काफी गंभीर हैं, वहां के हिंदुओं को यहां से हिम्मत दे रहे हैं. आप शायद ये जानकर हैरत में पड़ जाएं कि उत्तर प्रदेश इकलौता ऐसा राज्य है, जिसका एक एक्शन बांग्लादेश में भूखमरी पैदा कर सकता है.
बिना उत्तर प्रदेश, जीरो है बांग्लादेश
अब अगर भारत ने इस पर रोक लगा दिया तो बांग्लादेश की हालत कितनी खराब हो जाएगी. आप खुद अंदाजा लगा लीजिए, वहां की अर्थव्यवस्था भी फिलहाल इतनी मजबूत नहीं है कि वो डॉलर में खरीददारी करें. दूसरे देश से ये सारे सामान मंगवाएं. ये बात बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री मोहम्मद युनूस इस बात को अच्छी तरह जानते हैं कि भारत से बैर किया तो बांग्लादेश की खैर नहीं होगी. इसीलिए मोदी जब कहते हैं हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कीजिए, मोहम्मद युनूस एक इंटरव्यू में कहते हैं हर वर्ग को सुरक्षा मिलेगी, पर सवाल है कैसे?
50 जिले में हिंदुओं की हालत खराब
भारत जिस शेख हसीना को शरण दे रहा है, उन्हीं शेख हसीना के मुल्क में हिंदुओं के साथ जो हो रहा है, उसे देखकर संयुक्त राष्ट्र की भी धड़कनें बढ़ी हुई है. वो बार-बार कह रहा है, शांति बहाल कीजिए. अगर हालात नहीं सुधरे तो ऐसी स्थिति में संयुक्त राष्ट्र अपनी पीस आर्मी भी उतार सकता है. पर उससे पहले भारत की आर्मी की भी एंट्री हो सकती है, क्योंकि भारत और बांग्लादेश के जो रिश्ते हैं, उस हिसाब से कुछ भी संभव है. शायद यही वजह है कि चीन, पाकिस्तान औऱ अमेरिका की शह पर उछलने वाले बांग्लादेश को अब दिन में तारे दिखने लगे हैं.