हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के शिमला (Shimla) में संजौली मस्जिद (Sanjauli Mosque Issue) अवैध निर्माण (Encroachment) का मामला दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है. बीते दिनों शिमला में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद अब हिन्दू संगठनों (Hindu Organization Protest) ने मंडी (Mandi) में विरोध प्रदर्शन (Protest) का आह्वान किया था, जिसके बाद से मंडी में सुरक्षा व्यवस्था (Security Tightened) बढ़ा दी गयी है. हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को मंडी में कथित अवैध रूप से निर्मित मस्जिद को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. जब भीड़ ने बैरिकेड्स की लाइन को नीचे लाने की कोशिश की, तो पुलिस ने पानी की बौछार का सहारा लिया.
मस्जिद अधिकारियों द्वारा कथित रूप से अनधिकृत परिसर के कुछ हिस्सों को ध्वस्त करने के बाद भी हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था. मंडी में जेल रोड पर प्रदर्शनकारियों की बड़ी भीड़ जमा हो गई और कथित अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए. इससे पहले, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को मंडी में जेल रोड इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी और बैरिकेड्स लगा दिए. मंडी की पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा के अनुसार, किसी संगठन द्वारा बुलाई गई सभा की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई.
यह विरोध प्रदर्शन बुधवार को शहर के संजौली इलाके में मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर भड़के विरोध प्रदर्शनों के बाद हुआ है. वर्मा ने कहा कि शहर भर में करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और मंडी शहर के प्रवेश द्वार पर पुलिस नाके लगाए गए हैं. एसपी वर्मा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखी जाएगी. विभिन्न स्रोतों से हमें जानकारी मिली है कि कुछ संगठनों ने यहां एकत्र होने का आह्वान किया है. 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और मंडी शहर के प्रवेश द्वार पर पुलिस नाके लगाए गए हैं. निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर 163 बीएनएस के तहत कार्रवाई की जाएगी.
हालांकि, भाजपा प्रवक्ता चेतन ब्रगटा ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करने के लिए पुलिस की आलोचना की. उन्होंने कहा कि पहले शिमला, अब यह- लोगों को दबाने के लिए पानी की बौछारों और बल का प्रयोग. यह सरकार आखिर क्या हासिल करना चाहती है? इससे पहले आज पुलिस ने शिमला में मस्जिद के कथित अवैध निर्माण को लेकर संजौली में बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन का पथराव करने वाला वीडियो जारी किया था.
अब तक 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं और विरोध प्रदर्शन में छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें एक महिला पुलिस अधिकारी भी शामिल है, जिसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई है और उसकी हालत गंभीर है. इससे पहले बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग की पहली परत हटा दी और अपने विरोध मार्च के दौरान ढली टनल ईस्ट पोर्टल में प्रवेश करते समय सुरक्षा बलों के साथ भिड़ गए. शिमला के संजौली इलाके की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस कर्मियों ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया.