अमृतसर: अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 104 भारतीय स्वदेश लौट आए हैं. बुधवार को अमेरिकी मिलिट्री विमान यूएस सी17 पंजाब के अमृतसर में लैंड किया. विमान ने अमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी से लैंड करने की परमिशन मांगी थी, जिसके बाद उन्हें लैंड करने की मंजूरी दी गई. जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य विमान सी-17 में 104 भारतीय सवार थे, जिनमें 79 पुरुष और 25 महिलाएं शामिल थीं.
बताया जा रहा है कि इस विमान से गुजरात के 33, हरियाणा के 33, पंजाब के 30, महाराष्ट्र के तीन, उत्तर प्रदेश के तीन और चंडीगढ़ के दो लोग वापस आए हैं. अमेरिकी सी-17 सैन्य विमान अवैध प्रवासियों को लेकर मंगलवार को टेक्सास से भारत के लिए रवाना हुआ था. एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक इन लोगों की वैरिफिकेशन की जा रही है. यहां से इमिग्रेशन और कस्टम से क्लियरेंस के बाद पंजाब पुलिस को सौंप दिया जाएगा.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 27 जनवरी को फोन पर विस्तृत चर्चा हुई थी. प्रधानमंत्री मोदी की आगामी 13-14 फरवरी की वाशिंगटन यात्रा से पहले अवैध भारतीय अप्रवासियों को वतन वापस भेजा गया है. 27 जनवरी को फोन पर हुई बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि भारत अवैध प्रवासियों के निर्वासन के मुद्दे पर 'वही करेगा जो सही होगा.
इससे पहले विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने कहा था कि नई दिल्ली अमेरिका सहित विदेशों में 'अवैध रूप से' रह रहे भारतीय नागरिकों की 'वैध वापसी' के लिए तैयार है. उल्लेखनीय है कि डोनाल्ड ट्रंप के पिछले महीने राष्ट्रपति पद संभालने के बाद अवैध भारतीय प्रवासियों के खिलाफ वॉशिंगटन की यह पहली कार्रवाई है. ट्रंप ने दूसरी बार पदभार संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर जन्मजात नागरिकता को समाप्त करने और अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर सैनिकों को तैनात करने का फैसला किया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अवैध प्रवासन पर नकेल कसने की कसम खाई है, जो उनके राष्ट्रपति चुनाव अभियान का मुख्य मुद्दा भी रहा है. इसी के चलते 24 जनवरी से ग्वाटेमाला, पेरू, होंडुरास और अन्य देशों के लिए भी अवैध अप्रवासियों को लेकर इसी तरह की निर्वासन उड़ानें रवाना हुई थीं.
इसी बीच सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोगों के हाथ और पैर में हथकड़ी लगा हुआ दिख रहा है और दावा किया जा रहा है कि ये लोग भारतीय हैं. लेकिन वायरल वीडियो की सच्चाई को लेकर जब जानकारी जुटाई गई तो वीडियो में किया गया दावा फर्जी निकला. बताया गया है कि वीडियो में दिख रहे लोग, भारतीय नहीं बल्कि कोलंबिया के वासी हैं.