दिल्ली के जंतर-मंतर और झारखंड छात्र प्रदर्शन के बाद अब बिहार में भी परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर 18 अगस्त से आमरण अनशन का ऐलान किया गया है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने 18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग में भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की है। साथ ही छात्र नेता दिलीप कुमार ने राज्य सरकार को छात्रों की मांगें सुनने के लिए पांच दिन का समय दिया है, जिसके बाद प्रदर्शनकारी अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के विज्ञापन को सार्वजनिक करने में देरी होने के कारण छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। शिक्षक भर्ती परीक्षा के उम्मीदवार काफी लंबे समय से विज्ञापन का इंतजार कर रहे हैं, जिससे भर्ती प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। छात्र नेता दिलीप कुमार बिहार के शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि शिक्षा मंत्री ने अधियाचना भेजने का दावा किया है, लेकिन अधियाचना तो फरवरी में भी भेजी गई थी, फिर भी अभी तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। छात्र नेता दिलीप कुमार का कहना है कि बार-बार अधियाचना भेजने का खेल नहीं चलेगा।
छात्र प्रदर्शनकारियों ने "वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट" की मांग रखी। उनका कहना है कि परीक्षाओं में जितनी वैकेंसी निकले, उतने उम्मीदवारों को नियुक्ति मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारी छात्र TRE 4 के विज्ञापन को जल्द जारी करने की मांग कर रहे हैं और उनका कहना है कि TRE 4 का विज्ञापन सभी रिक्त पदों के लिए जारी होना चाहिए। इसके अलावा छात्र सर्टिफिकेट की जांच रिजल्ट से पहले कराने की भी मांग कर रहे हैं।