आंसू बहाते हुए हुमायूं कबीर का बड़ा फैसला: राजनीति से संन्यास, सुवेंदु अधीकारी के मुख्यमंत्री रहते नहीं जाएंगे विधानसभा

Amanat Ansari 07 Oct 2026 09:14 PM 2 Mins
आंसू बहाते हुए हुमायूं कबीर का बड़ा फैसला: राजनीति से संन्यास, सुवेंदु अधीकारी के मुख्यमंत्री रहते नहीं जाएंगे विधानसभा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला. आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और नौदा विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार को आंसू भरे नेत्रों से राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. रेजिनगर उपचुनाव के दिन पुलिस से झड़प के बाद गिरफ्तार हुए कबीर ने अगले दिन ही यह फैसला सुनाया. उन्होंने कहा कि जब तक सुवेंदु अधीकारी मुख्यमंत्री रहेंगे, वे विधानसभा नहीं जाएंगे.

24 घंटे का राजनीतिक रोलर कोस्टर

रेजिनगर उपचुनाव में मतदान के दिन पुलिस से भिड़ंत हुई. कबीर ने पुलिस पर आरोप लगाया था कि वे चुनाव में दखल दे रहे हैं. उनके बेटे गोलम नबी आजाद इस सीट से चुनाव लड़ रहे थे. कबीर ने अप्रैल के विधानसभा चुनाव में रेजिनगर और नौदा दोनों सीटें जीती थीं, लेकिन रेजिनगर छोड़कर नौदा बरकरार रखा था. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और शाम को रिहा कर दिया. एक दिन बाद मीडिया के सामने आंसू बहाते हुए कबीर ने कहा, ''अगर सुवेंदु अधीकारी मुख्यमंत्री बने रहेंगे तो मैं विधानसभा नहीं जाऊंगा. मैं नौदा की जनता से माफी मांगूंगा.''

उन्होंने रेजिनगर की जनता से भी माफी मांगी और कहा कि वे पांच महीने पहले मिले जनादेश को निभाने में नाकाम रहे. कबीर ने भविष्यवाणी भी की कि मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद की इस सीट पर भाजपा जीतेगी.

''इतनी अन्याय स्वीकार नहीं कर सकता''

कबीर ने कहा कि वे ''इतनी अन्याय'' स्वीकार नहीं कर सकते और न ही इससे समझौता कर सकते हैं. उन्होंने याद दिलाया कि वे वामपंथ के अन्यायों के खिलाफ हमेशा खड़े रहे और तृणमूल कांग्रेस में रहते हुए भी पार्टी की गलतियों की आलोचना की, जिसके कारण उन्हें चार बार अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा- एक बार निष्कासन और एक बार निलंबन.

उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही नौदा में बैठक बुलाकर 64 साल की उम्र में राजनीति से संन्यास ले लेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर बैठक में आए 60 प्रतिशत लोग (चाहे 1,000 हों या 10,000) कहें कि वे पद छोड़ दें तो वे नौदा विधायक पद से भी इस्तीफा दे देंगे.

तीन बार पहले भी दिया इस्तीफा

  • 20 नवंबर 2012 को कांग्रेस विधायक के रूप में (18 महीने बाद)
  • 30 मार्च 2026 को तृणमूल विधायक के रूप में
  • 15 मई 2026 को आम जनता विकास पार्टी के रेजिनगर विधायक के रूप में

बंगाल की अल्पसंख्यक राजनीति के एक महत्वपूर्ण चेहरे कबीर का यह फैसला रेजिनगर उपचुनाव के तनावपूर्ण माहौल के बाद आया है. मात्र 24 घंटे में पुलिस से आमने-सामने की झड़प से लेकर आंसू, माफी और राजनीति छोड़ने की घोषणा तक उनका सफर नाटकीय रहा.

Humayun Kabir Rejinagar bypoll West Bengal politics Naoda MLA

Recent News