चाइना से दोस्ती पड़ी पाकिस्तान पर भारी,HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम का निकला तेल, ब्रह्मोस बना ब्रह्मास्त्र.
इज़राइल मॉडल की तरह भारत का एयरस्ट्राइक, तीन ऐसे हथियार जिनका पाकिस्तान के पास विकल्प नहीं है.
नई दिल्ली: हवा में मार करने की क्षमता इज़राइल के पास सबसे ज्यादा है. हमास जब एक साथ 300 रॉकेट इज़राइल पर छोड़ता है तो उसका एयर डिफेंस सिस्टम कुछ सेकंड में ही पलटवार करता है. इज़राइल से ही भारत ने रडार सिस्टम की तकनीक ली, उसे DRDO ने अपने तरीके डिज़ाइन किया. जबकि रशिया से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की तकनीक लेकर भारत के वैज्ञानिकों ने तैयार किया. पाकिस्तान के पास ये तकनीक चाइना से आई, चाइना का HQ-9 की डील 2021 में की. भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर अंजाम तक पहुंचाया है, बौखलाया पाकिस्तान कुछ ना कुछ ज़रूर कर सकता है.
अगर 40 हजार फीट की ऊंचाई से कोई मिसाइल पाकिस्तान भारत की तरफ भेजता है. तो पृथ्वी डिफेंस व्हकिल यानि PAD मिसाइल से रोक सकता है. जबकि भारत के पास मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम है. जो कम ऊंचाई की रेंज पर मौजूद दुश्मन के रॉकेट या मिसाइल को रोक सकता है. जबकि तीसरी तकनीक सबसे ज्यादा ख़तरनाक है. मोदी सरकार में रूस के साथ मिलकर भारत के वैज्ञानिकों ने ब्रह्मोस और ब्रह्मोस-2 हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल को भी विकसित किया है. ये ज़मीन, हवा, समुद्र और सब-सी यानि समुंद्र के गहराई में भी दुश्मन के रॉकेट या मिसाइल को टार्गेट कर ध्वस्त कर सकता है. परमाणु की संख्या पर भी भारत पाकिस्तान से आगे है. हमारे पास 180 परमाणु हथियार है. जबकि पाकिस्तान के पास सिर्फ 130 है. दुनिया के सिर्फ 9 देशों के पास ही परमाणु हथियार है, अकेले रशिया के पास 5449 परमाणु हथियार है. और रशिया भारत का दोस्त है.
यहां एक बात समझनी चाहिए, भारत पाकिस्तान से क्यों मज़बूत है? क्योंकि भारत पाकिस्तान के हिसाब से नहीं बल्कि चीन के हिसाब से अपनी युद्ध की रणनीति तैयार करता है. इसलिए भारत के पास एक ऐसा हथियार जो पाकिस्तान के पास बिल्कुल नहीं है. जिसका नाम है ICBM यानि अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है. ये 15 से 20 सेकंड के भीतर ही हवा में उड़ जाती है. इसकी क्षमता 5500 किलोमीटर तक मारक क्षमता है.
यानि अगर भारत इसे छोड़ दे पाकिस्तान का कोना-कोना तबाह हो सकता है. भारत की ब्रह्मोस मिसाइल का विरोध पाकिस्तान की संसद में साल 2022 में किया गया था. भारत के पास BMD सील्स यानि बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है. जो पाकिस्तान के पास नहीं है. ये ठीक इज़राइल के आयरन डोम की तरह काम करता है. ये ऐसा सिस्टम है. जो हवा में ही दुश्मन की मिसाइल को ख़त्म कर सकता है. रोक सकता है. और लौटा सकता है. ये तकनीक पाकिस्तान के पास नहीं है, जिसकी वजह से जब भारत की वायु सेना पाकिस्तान में दाख़िल होती है, उस वक्त 57 इंटरनेशनल फ्लाइट पाकिस्तान के ऊपर तैनात थी. उसी का फायदा उठाकर भारत के जवानों ने ठिकाने पर निशाना लगाया.
भारत के पास स्ट्रैटिजिक और कन्वेंशनल दोनों तरह की मिसाइलें है. अग्नि स्ट्रैटिजिक मिसाइल हैं और ब्रह्मोस कन्वेंशनल. अगर इनकी तुलना पाकिस्तान की गौरी और बाबर से करें तो मारक क्षमता में कहीं आगे हैं. भारत का अभी सर्विलांस सिस्टम भी अच्छा है. इसलिए पाकिस्तान हवा में भारत के साथ मार करने की स्थिति में नहीं है. भारत तकनीक में आगे है. रडार सिस्टम और सर्विलांस सिस्सट में भी आगे है. भारत पाकिस्तान के बीच अगर युद्ध खुलकर होता भी है तो बॉर्डर एरिया तक ही मुकाबला कर पाएगा, क्योंकि समुंद्र, हवा में भारत बहुत आगे है. समझने वाली ये है कि पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम चाइना की कतकनीक का है. जिसे भारत की ब्रह्मोस और रूद्रम मिसाइल ने फेल कर दिया.