बिजबेहरा विधानसभा क्षेत्र (Bijbehara Assembly Constituency) से पीडीपी उम्मीदवार (PDP Candidte) इल्तिजा मुफ्ती (Iltija Mufti) ने एनसी (NC) नेता उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) पर कहा, "वह चिंतित हैं, वह दो जगहों से चुनाव लड़ रहे हैं, आप उनकी टेंशन क्यों बढ़ा रहे हैं? वह थोड़ा नर्वस हो रहे हैं. तो आप उन्हें इतनी गंभीरता से क्यों ले रहे हैं, वह जीतने को लेकर बहुत नर्वस हैं, उन्हें आराम से प्रचार करने दीजिए..."अपने घोषणापत्र (PDP Manifesto) में भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक पहल को लेकर पूछे गए सवाल पर बिजबेहरा विधानसभा क्षेत्र से पीडीपी उम्मीदवार इल्तिजा मुफ्ती ने कहा, "आप इसे पढ़ सकते हैं. मुझे लगता है कि आप चीजों को समझते हैं, इसलिए आपको हमारा घोषणापत्र पढ़ना चाहिये..."
बता दें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. साथ ही महबूबा ने बेटी इल्तिजा मुफ्ती को आगे बढ़ाने का फैसला किया है. इल्तिजा मुफ्ती ने 27 अगस्त को नामांकन दाखिल किया है. इल्तिजा बिजबेहरा सीट से चुनाव लड़ेंगी. इस सीट को पीडीपी का खानदानी इलाका माना जाता है.
वहीं महबूबा मुफ्ती के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि इल्तिजा मुफ्ती अगर चुनाव जीत जाती हैं तो पीडीपी उनका नाम सीएम के रूप में पेश कर सकती है. इल्तिजा मुफ्ती ने हाल ही में राजनीति में कदम रखा है और बेहद कम समय में जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक पैठ बना ली है. राज्य में धारा 370 हटने के बाद से ही इल्तिजा राजनीति में सक्रिया रही हैं.
बता दें कि महबूबा के पिता और इल्तिजा के नाना मुफ्ती मोहम्मद सईद जम्मू-कश्मीर के बड़े राजनेता था. मुफ्ती मोहम्मद सईद राज्य में दो बार मुख्यमंत्री बने थे और इल्तिजा की मां महबूबा भी जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. वहीं इल्तिजा के पिता का नाम जावेद इकबाल शाह है, जिसने राजनीति में कदम नहीं रखा. जावेद इकबाल शाह ने राजनीतिक विश्लेषक के रूप में कार्य जरूर किया. साथ ही वह बिजनेसमैन और लेखक भी थे.
इल्तिजा मुफ्ती उस समय चर्चा में आई थी, जब उन्होंने 2019 में अनुच्छेद 370 के हटने के बाद मां की रिहाई के लिए अभियान चलाया था, क्योंकि महबूबा मुफ्ती को उस समय हाउस अरेस्ट कर लिया गया था. लोकसभा चुनाव 2024 में महबूबा मुफ्ती ने अनंतनाग-राजौरी से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह चुनाव हार गई थी. चुनाव में इल्तिजा मुफ्ती ने मां के लिए प्रचार-प्रसार किया था.
इल्तिजा की शुरुआती पढ़ाई कश्मीर से हुई है. इसके बाद वह दिल्ली में रहीं. साथ ही इंग्लैंड से अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर एमए की डिग्री हासिल की. इन्होंने लंदन में भारतीय उच्चायोग और ऑस्ट्रेलिया इंडिया इस्टीट्यूट के लिए भी काम किया है. इल्तिजा का सपना स्पेस यात्री बनने का था, लेकिन अब राजनीति में उतर आई हैं.