नई दिल्ली: भारत ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है. भारत का मानना है कि सभी पक्षों को संयम बरतते हुए संवाद के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान निकालना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम रहे.
Press Release on recent developments in Venezuela ⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) January 4, 2026
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विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत वेनेजुएला की मौजूदा स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और वहां के लोगों की सुरक्षा तथा कल्याण को लेकर चिंतित है. काराकास स्थित भारतीय दूतावास वहां मौजूद भारतीय समुदाय के निरंतर संपर्क में है तथा उन्हें हरसंभव सहायता मुहैया करा रहा है.
भारत वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और भलाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है तथा सभी पक्षों से अपील करता है कि वे संवाद के जरिए शांतिपूर्ण रास्ता अपनाएं. इससे पहले शनिवार को भारत ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी किया था, जिसमें वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्राओं से बचने, वहां रह रहे भारतीयों को अधिक सतर्क रहने, अनावश्यक घूमने-फिरने से परहेज करने और दूतावास से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई थी.
दूसरी ओर, अमेरिकी बलों ने काराकास पर हमले किए, जिसके बाद राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया गया. कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका वेनेजुएला का प्रशासन संभालेगा, जब तक वहां राजनीतिक बदलाव पूरा नहीं हो जाता.
मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन पर ड्रग्स और हथियारों से संबंधित आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा. हमलों के जवाब में वेनेजुएला सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया और अमेरिका पर गंभीर सैन्य आक्रमण का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसकी निंदा करने की अपील की.