नई दिल्ली : भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों को नई गति देने वाला बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement - FTA) 19 अक्टूबर 2026 से आधिकारिक रूप से प्रभावी होने जा रहा है। दोनों देशों के बीच औपचारिक प्रक्रियाओं और अनुमोदन के पूरा होने के बाद यह ऐतिहासिक व्यापार समझौता अमल में आ रहा है। इस एग्रीमेंट के लागू होने से दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आयात-निर्यात पर लगने वाले टैरिफ में भारी कटौती होगी, जिसका सीधा फायदा कारोबारियों और निर्यातकों को मिलेगा।
इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड के बाजार में भारतीय उत्पादों को ड्यूटी-फ्री (सीमा शुल्क मुक्त) या बेहद रियायती दरों पर प्रवेश मिलेगा। इसका सबसे बड़ा लाभ भारत के कपड़ा (टेक्सटाइल), परिधान, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, चमड़ा उद्योग, ऑटो पार्ट्स और फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर को होगा। भारतीय सामानों पर से आयात शुल्क हटने से वे न्यूजीलैंड के घरेलू बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
दूसरी ओर, इस समझौते से न्यूजीलैंड से भारत आने वाली चुनिंदा उच्च-गुणवत्ता वाली कृषि उपज, वाइन, लकड़ी और विशेष तकनीकी उत्पादों के आयात पर भी शुल्क में ढील दी जाएगी। हालांकि, भारत ने अपने घरेलू डेयरी और कृषि क्षेत्र के संवेदनशील हितों की रक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षात्मक उपाय (सेफगार्ड्स) शामिल किए हैं, ताकि स्थानीय किसानों और उत्पादकों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
उद्योग जगत और व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि 19 अक्टूबर से समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार में तेजी से इजाफा होगा। यह समझौता न केवल भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खोलेगा, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की आर्थिक साझेदारी को भी और मजबूत बनाएगा।