IAS Divya Mittal: उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अब प्रशासनिक सेवा से बाहर हो गई हैं. केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी है. 15 सितंबर 2026 से उनका इस्तीफा प्रभावी हो गया है. दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को निजी कारणों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और जीवन में नए लक्ष्य तय करने का हवाला देते हुए इस्तीफे की घोषणा की थी.
— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) September 14, 2026
इस्तीफा मंजूर होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध पंक्ति शेयर की, ''प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो.'' इस एक पोस्ट ने उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं. क्या वे सामाजिक क्षेत्र में जाएंगी, नया काम शुरू करेंगी या राजनीति का रुख करेंगी? फिलहाल उन्होंने भविष्य की कोई स्पष्ट योजना नहीं बताई है.
दिव्या मित्तल की कहानी साधारण नहीं है. IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई के बाद उन्होंने लंदन में अच्छी नौकरी हासिल की थी. आकर्षक सैलरी और सुविधाओं के बावजूद उन्होंने सब कुछ छोड़कर भारत लौटने और UPSC की तैयारी करने का फैसला किया. पहले प्रयास में IPS और दूसरे में IAS बनकर उन्होंने अपनी मेहनत का परिचय दिया. उनके पति गगनदीप सिंह ने भी 2022 में सरकारी नौकरी छोड़कर अपनी कंपनी शुरू की थी.
IAS के रूप में दिव्या मित्तल की पहचान तेजतर्रार और बेबाक अधिकारी के रूप में रही. मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया समेत कई जिलों में उन्होंने काम किया. मिर्जापुर में ग्रामीण इलाकों तक पानी पहुंचाने का उनका प्रयास आज भी याद किया जाता है. कई गांवों में आजादी के 75 साल बाद भी पानी की समस्या थी, जहां उनकी पहल से राहत मिली.
उनके इस्तीफे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं. समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में ईमानदार अधिकारियों को काम करने की आजादी नहीं मिल रही. कांग्रेस नेता अजय राय ने राज्यपाल को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की और संकेत दिया कि अगर दिव्या मित्तल चुनाव लड़ना चाहें तो कांग्रेस विचार कर सकती है.