Operation Sindoor: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हालिया बैठक में भारत ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने जमकर आड़े हाथों लिया। मुद्दा सिर्फ स्वास्थ्य या मानवाधिकारों का नहीं था, बल्कि आतंकवाद जैसे गंभीर वैश्विक खतरे का था, जिसे पाकिस्तान ने अपनी आदत के मुताबिक भटकाने की कोशिश की लेकिन भारत ने बिना किसी लाग-लपेट के करारा जवाब दिया।
भारत ने दो टूक कहा कि आतंकवाद को जन्म देने वाला देश अगर खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश करता है, तो यह पूरी दुनिया का अपमान है। भारत की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान बार-बार वैश्विक मंचों पर भारत के खिलाफ झूठा प्रचार करता रहा है। WHO की यह बैठक सार्वजनिक स्वास्थ्य और वैश्विक सहयोग को लेकर आयोजित की गई थी, लेकिन पाकिस्तान ने इसमें भी राजनीतिक एजेंडा घुसाने की कोशिश की।
भारत ने दिया तथ्य आधारित जवाब
भारत के प्रतिनिधि ने अपने बयान में पाकिस्तान का नाम लिए बिना स्पष्ट किया कि एक ऐसा देश जो दशकों से आतंकवाद को पनाह देता आया है, वह दुनिया को ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वह खुद आतंक का शिकार है। भारत ने कहा कि “जो देश अपने ही पड़ोसियों में आतंकवाद फैला रहा हो, वह अगर खुद को पीड़ित बताए, तो यह सिर्फ ढोंग नहीं, बल्कि वैश्विक बिरादरी को गुमराह करने की कोशिश है।”
भारत ने यह भी कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सभी देशों को एकजुट होना होगा और दोहरे मापदंडों को त्यागना होगा। साथ ही यह भी चेताया कि कुछ देश वैश्विक मंचों का दुरुपयोग करके आतंकवाद को संरक्षण देने वालों की छवि सुधारने का प्रयास कर रहे हैं, जो किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
पाकिस्तान की रणनीति फिर बेनकाब
पाकिस्तान पहले भी संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार परिषद और अन्य मंचों पर भारत के खिलाफ झूठी बातें फैलाने की कोशिश करता रहा है। लेकिन हर बार भारत तथ्यों और विश्वसनीय आंकड़ों के साथ उसका जवाब देता आया है। इस बार भी भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान की कथनी और करनी का फर्क उजागर किया, बल्कि WHO जैसे मंच की गरिमा को बनाए रखने का भी संदेश दिया।
भारत का रुख साफ रहा है कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता और जो देश इसे बढ़ावा देते हैं, उन्हें किसी भी तरह की सहानुभूति नहीं मिलनी चाहिए।