सिर्फ 1000 सेकेंड में तबाह हो जाएगा पूरा पाकिस्तान, भारत ने बनाया अगली पीढ़ी का स्क्रैमजेट इंजन

Rahul Jadaun 25 Apr 2025 09:10: PM 2 Mins
सिर्फ 1000 सेकेंड में तबाह हो जाएगा पूरा पाकिस्तान, भारत ने बनाया अगली पीढ़ी का स्क्रैमजेट इंजन

नई दिल्ली: पाकिस्तान के साथ मंडराते युद्ध के खतरे के बीच भारतीय सेना को एक और बाहुबली मिला है. भारतीय वैज्ञानिकों ने अगली पीढ़ी का स्क्रैमजेट इंजन विकसित कर लिया है. जो चंद सेकेंड्स में ही युद् का रुख बदल सकता है. इस इंजन को एक अगर किसी मिसाइल के साथ जोड़ कर पाकिस्तान पर अटैक किया तो ये मात्र 1000 सेकेंड में ही पाकिस्तान के आखिरी शहर तक को तबाह करने की क्षमता रखता है. भारतीय अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस इंजन को 1000 सेकेंड से भी ज्यादा देर तक चलाकर सफल परीक्षण किया गया है. भारत की इस नई ताकत के सामने पाकिस्तान और भी ज्यादा कमजोर नजर आने लगा है. चलिए पहले आपको इस इंजन की खासियत और युद्ध में किस तरह से इससे पाकिस्तान को तबाह किया जा सकता है ये बताते हैं.

क्या है स्क्रैमजेट इंजन?

ये अगली पीढ़ी का एक खास तरह का इंजन होता है, जिसका नाम सुपरसोनिक कंबशन रैमजेट  (Supersonic Combustion Ramje) है. इस इंजन की रफ्तार इतनी तेज होती है जिसे पकड़ पाना किसी रडार के लिए भी मुम्किन नहीं होता है, जिसकी वजह से भारतीय मिसाइलें इस इंजन की वजह से बेहद तेज हो जाएंगी. इसके साथ ही भारत खुद ही अत्याधुनिक हथियार बनाने की तकनीकि में काफी आगे बढ़ा है ये इस इंजन के लॉन्च होने से पता चलता है, और भविष्य में भारत और भी तेज मिसाइलें बना सकता है.

युद्ध में स्क्रैमजेट का फायदा

युद्ध के मैदान में ये इंजन बेहद ही फायदेमंद होता है, इस इंजन की मदद से कोई भी देश अपनी नॉर्मल मिसाइल को भी बेहद तेज बना सकता है, ऐसे में भारतीय इपरसोनिक मिसाइल जब इस इंजन से जुड़ेंगी तो ये दुश्मन को पलक झपकने से पहले ही मिट्टी में मिला देगा.

हाइपरसोनिक मिसाइलें (Hypersonic Missiles)

स्क्रैमजेट इंजन से चलने वाली मिसाइलें Mach 5 से भी तेज़ उड़ सकती हैं, मतलब इनकी स्पीड 6 हजार किमी प्रति घंटा से भी ज्यादा तेज हो जाएगी. जिसके बाद ये मात्र 1000 सेकेंड में पाकिस्तान के किसी भी शहर को तबाह कर सकती हैं. इतनी स्पीड पर दुश्मन की रडार और एंटी-मिसाइल डिफेंस भी लगभग फेल हो जाता है, क्योंकि इसकी गति की वजह से इसे रोकने के लिए बेहद कम समय मिलता है.

सटीकता (Precision Strike)

स्क्रैमजेट टेक्नोलॉजी मिसाइल को बहुत तेज़ी से टारगेट तक पहुंचाती है, जिससे रिएक्शन टाइम कम होता है और हमला ज्यादा कारगर होता है.

सर्वाइवबिलिटी (Survivability)

हाइपरसोनिक स्पीड के कारण इन हथियारों को इंटरसेप्ट करना लगभग असंभव होता है, जिससे पता चल जाता है कि एक बार छोड़ी गई स्क्रैमजेट मिसाइल को रोक पाना असंभव जैसा ही होता है.

लंबी दूरी पर हमला

स्क्रैमजेट इंजन की मदद से लंबी दूरी की मिसाइलें और UAVs बनाए जा सकते हैं, जो दुश्मन के गहरे इलाकों में हमला कर सकें.

कम लागत में ज्यादा काम

क्योंकि स्क्रैमजेट इंजन ऑक्सीजन वातावरण से लेता है, इसलिए भारी रॉकेट ईंधन की ज़रूरत नहीं होती, यानी यह हल्का और किफायती बन जाता है.

भारत से लॉन्च की गई ऐसी हाइपरसोनिक मिसाइल 1000 सेकेंड में लगभग 2050 किमी दूर तक पहुंच सकती है. जिसका मतलब ये पूरे पाकिस्तान को अपनी जद में ले सकती है.

  • अगर मिसाइल को दिल्ली से लॉन्च किया जाए तो ये इस्लामाबाद, पेशावर, लाहौर, कराची तक पलक झपकते ही पहुंच सकती है.
  • अगर जयपुर से इसे लॉन्च किया जाएगा तो ये पूरे पाकिस्तान को ही कवर किया जा सकता है. यानि कि पाकिस्तान का कोई भी इलाका इसकी पहुंच से दूर नहीं है.
  • साथ ही अगर पंजाब/राजस्थान बॉर्डर से इसे लॉन्च किया जाए तो भी पाकिस्तान के सभी सैन्य केंद्र और मुख्य शहर इसकी रेंज में आते हैं.
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