राफेल के साथ भारतीय वायुसेना का "आक्रामण" अभ्यास, पहाड़ों और मैदानों में दुश्मन ठिकानों पर हमले की तैयारी

Amanat Ansari 24 Apr 2025 08:41: PM 2 Mins
राफेल के साथ भारतीय वायुसेना का

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को मध्य क्षेत्र में एक बड़े युद्धाभ्यास "एक्सरसाइज आक्रामण" का आयोजन किया. इस अभ्यास का मकसद पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हमलावर क्षमताओं को और मजबूत करना था. यह युद्धाभ्यास मध्य क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में हुआ, जिसमें वायुसेना के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान, खासकर राफेल जेट्स, ने हिस्सा लिया. यह अभ्यास अभी चल रहा है और इसमें लंबी दूरी तक हमले करने और दुश्मन के ठिकानों पर नकली हमलों का अभ्यास किया जा रहा है.

सूत्रों के मुताबिक, इस युद्धाभ्यास में वायुसेना ने अपने पूर्वी क्षेत्र से कई अहम हथियार और संसाधनों को मध्य क्षेत्र में तैनात किया है. "आक्रामण" नाम का यह अभ्यास हिंदी शब्द से लिया गया है, जिसका मतलब है हमला. इस दौरान वायुसेना के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान जटिल मिशनों को अंजाम दे रहे हैं. इनमें जमीन पर हमले और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध से जुड़े अभ्यास शामिल हैं. वायुसेना ने अपने कई हवाई अड्डों से विमानों को शामिल किया है, जिसमें पूर्वी भारत के हवाई अड्डे भी शामिल हैं.

इस अभ्यास में वायुसेना के सबसे अनुभवी और कुशल पायलट, जिन्हें "टॉप गन्स" कहा जाता है, हिस्सा ले रहे हैं. ये पायलट लंबी दूरी की उड़ानें भर रहे हैं और दूर के निशानों पर सटीक बमबारी का अभ्यास कर रहे हैं. इसका मकसद भारत की गहरे हमले करने की ताकत को और तेज करना है. यह युद्धाभ्यास वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हो रहा है, और आने वाले महीनों में ऐसे और अभ्यास करने की योजना है.

भारतीय वायुसेना के पास दो राफेल स्क्वाड्रन हैं, एक पंजाब के अंबाला में और दूसरा पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में. यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है, जब पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. इस युद्धाभ्यास से भारत अपनी सैन्य ताकत और किसी भी चुनौती से निपटने की तैयारी का संदेश दे रहा है.

राफेल जेट्स अपनी अत्याधुनिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं. इन विमानों ने इस अभ्यास में जटिल मिशनों को अंजाम दिया, जिसमें दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में जीत हासिल करने की रणनीतियों का अभ्यास शामिल था. वायुसेना के अन्य विमान और संसाधन भी इस अभ्यास का हिस्सा हैं, जो भारत की हवाई ताकत को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

यह युद्धाभ्यास न केवल भारत की सैन्य तैयारियों को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वायुसेना किसी भी स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने में सक्षम है. पहलगाम हमले के बाद भारत ने अपनी रक्षा रणनीति को और सख्त किया है, और इस अभ्यास से यह साफ है कि वायुसेना किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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