नई दिल्ली: सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ये तस्वीरें ध्यान से देख लें, जो पूछ रहे थे कितनों को मारा, कितनी तबाही वहां मचाई, बताइए, तो पूरी तस्वीर सेना ने जारी कर दी है, डीजीएमओ राजीव घई और वायुसेना-नौसेना के डीजी ने ये सबूत जारी किए हैं, जिसे पहले देखिए, फिर बताते हैं मोदी की नई रणनीति क्या है, हाफिज सईद और मसूद अजहर को हिंदुस्तान लाने की कैसी तैयारी है.

- पहली तस्वीर है पाकिस्तान के सियालकोट जिले की, यहां का पसरूर एयर डिफेंस रडार, हमले से पहले आलीशान दिख रहा था, भारत की ओर मिसाइल गिराए जाते ही बंजर दिखने लगा.
- दूसरी तस्वीर है पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की, यहां के चुनियन एयर डिफेंस रडार पर हमले से पहले रडार नजर आता है, लेकिन मिसाइल गिरते ही धुआं-धुआं हो जाता है.
- तीसरी तस्वीर भी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की है, यहां के आरिफवाला एयर डिफेंस रडार का इलाका पहले हरा-भरा नजर आता है, लेकिन बाद में बंजर हो जाता है.
- चौथी तस्वीर है, पाकिस्तान के सरगोधा शहर की, जहां के सरगोधा एयरफील्ड पर पहले चममचाता रनवे दिखता है, बाद में रनवे पर उड़ते धूल-धुएं के गुब्बार नजर आते हैं.
- पांचवीं तस्वीर है रहीम यार खान शहर की, जहां के रहीम यार खान एयरफील्ड पर पहले शानदार हवाई पट्टी दिखती है, लेकिन बाद में पट्टी धुआं-धुआं हो जाती है.
- छठी तस्वीर है चकलाला शहर की, जहां के नूरखान एयरफील्ड में पहले बस्तियों वाला इलाका नजर आता है, बाद में टारगेटेड जगह तबाह हो जाता है.
- सातवीं तस्वीर है पाकिस्तान के सिंध प्रांत के सुक्कुर शहर की, जहां के सुक्कुर एयरफील्ड के पास पहले चमचमाती बिल्डिंग नजर आती है, लेकिन बाद में काली पड़ी इमारतें और तबाह शेल्टर दिखता है.
- आठवीं तस्वीर है भोलारी एयरफील्ड का, जहां पहले एयरक्राफ्ट खड़े थे लेकिन बाद में एयरक्राफ्ट का नामोनिशान मिट गया
- नौंवी तस्वीर है पाकिस्तान के जकोबाबाद शहर की, जहां के जकोबाबाद एयरफील्ड पर पहले था, यानि विमान खड़े होते थे, लेकिन बाद में मिट्टी में मिल गया.
ये भारतीय सेना के शौर्य के दम पर हुआ, अगर इंडियन नेवी इसमें कूद जाती तो कराची और लाहौर का क्या होता, जरा वो भी पांच तस्वीरों से समझिए, फिर बताते हैं ओवरऑल पाकिस्तान का नुकसान कितना हुआ.

- पहली तस्वीर- INS विक्रांत अरब सागर में तैयार खड़ा था
- दूसरी तस्वीर- इंडियन नेवी के जंगी बेड़े के 15 जहाज आगे बढ़ते दिखे
- तीसरी तस्वीर- बीच समुद्र नेवी ने जंग में वार का अभ्यास किया
- चौथी तस्वीर- तीन पनडुब्बी नजर आई, जिससे पाकिस्तान पस्त होता
- पांचवीं तस्वीर- नौसेना ने अपने विमान भी मुस्तैद रखे थे
नौसेना की सीधी नजर कराची पर थी, और नौसेना के अधिकारी ने साफ कह भी दिया है हम तैयार हैं, मतलब आगे कोई हिमाकत की तो इस बार पाकिस्तान के 100 आतंकी मारे गए हैं, 35-40 पाकिस्तानी सेना के जवान मरे हैं, आगे ये संख्या और बढ़ भी सकती है, बॉर्डर पर की गई एक भी हिमाकत पाकिस्तान को भारी पड़ सकती है, ख़बर यहां तक कि है सरकार अब पाकिस्तान से अपने दुश्मनों को सौंपने पर बात करने वाली है, जिसमें हाफिज सईद से लेकर मसूद अजहर तक के नाम शामिल हैं, बीते दिनों तहव्वुर राणा को अमेरिका से लाया भी गया है, इसलिए इस बात की संभावना तेज नजर आती है. इन सबूतों के सामने आने के बाद जहां हिंदुस्तान में बैठे सवाल उठाने वालों की भी बोलती बंद हुई है तो वहीं पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ जो 10 मई की रात पाकिस्तान की जनता को ये कह रहे थे कि हम जीते हैं, उनकी भी पोल पट्टी खुल गई है.
यानि भारतीय सेना ने पाकिस्तान को इस बार जंग के हालात बनते ही धूल चटा दी, बड़ी जंग की जरूरत ही नहीं पड़ी, लेकिन कांग्रेस पूछ रही है पीओके अब कब हिंदुस्तान में आएगा, ये तो सही मौका था.
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