नई दिल्ली: भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विविधता में एकता और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना से प्रेरित होकर, डबलिन स्थित भारतीय दूतावास ने आयरलैंड में पहली बार असम राज्य को समर्पित एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया. यह आयोजन दूतावास की राज्य-सांस्कृतिक-कार्यक्रम-श्रृंखला पहल का एक हिस्सा था.

इस कार्यक्रम में असम की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पाककला और पर्यटन की विरासत पर एक मल्टीमीडिया प्रस्तुति के साथ-साथ कई पारंपरिक नृत्य, असमिया कविता पाठ और असम की आकर्षक वस्त्र एवं शिल्प परंपरा का प्रदर्शन शामिल था. यह कार्यक्रम श्री दिनांत मालाकार की अध्यक्षता वाले असम एसोसिएशन ऑफ आयरलैंड के उत्साही समर्थन और भागीदारी के कारण संभव हो सका.

इस अवसर पर बोलते हुए, आयरलैंड में भारत के राजदूत, महामहिम श्री अखिलेश मिश्र ने राजदूतावास द्वारा असम पर पहली बार आयोजित विशेष प्रस्तुति की सफलता पर बहुत प्रसन्नता व्यक्त की. यह कार्यक्रम आयरलैंड में, अपेक्षाकृत छोटे लेकिन जीवंत और गतिशील असमिया समुदाय (जिसकी वर्तमान में अनुमानित संख्या लगभग 200 है) की ऊर्जा से ही संभव हुआ.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के विभिन्न राज्यों की अपनी-अपनी विशिष्ट भाईचारा, सांस्कृतिक और प्राकृतिक आकर्षण, कला और शिल्प की विरासत है. सभी भारतीयों को भारत के अन्य भागों में रहने वाले अपने भाइयों और बहनों की सांस्कृतिक समृद्धि और रचनात्मक कौशल के बारे में जानने, पारस्परिक विकास के लिए एक-दूसरे से सीखने और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक-दूसरे की प्रगति और प्रसार में सहयोग करने की आवश्यकता है.

उन्होंने याद दिलाया कि राजदूतावास द्वारा राज्य सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रृंखला (जिसके अंतर्गत अब तक 16 राज्यों को समर्पित कार्यक्रम किए जा चुके हैं) शुरू करने का मुख्य उद्देश्य आयरलैंड में प्रवासी भारतीयों के साथ-साथ आयरिश लोगों को भारत की अद्भुत विविधता में विद्यमान एकता का अनुभव कराना था.