Operation Sindoor: भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, उधर तुर्की जब पाकिस्तान का साथ दे रहा था, दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम मुल्क इंडोनेशिया, जहां करीब 23 करोड़ मुस्लिम रहते हैं, वो भारत से दोस्ती निभा रहा है, उसने भारत को दो ऐसे दुश्मन सौंपे हैं, जिन पर एनआईए ने 3 लाख का इनाम रखा था, ये दोनों भारत से भागकर ठीक वैसे ही इंडोनेशिया में छिपे थे, जैसे देश में कई घटनाओं को अंजाम देकर दहशतगर्दों ने पाकिस्तान में शरण ली है, जिन्हें पाकिस्तान सरकार खुलकर बचाती है, लेकिन इंडोनेशिया ने ऐसा नहीं किया, क्योंकि वो भारत का अच्छा दोस्त है, पकड़े गए दोनों दुश्मनों की करतूत इतनी हैरान करने वाली है कि सुनकर दिमाग ठनक जाएगा, पर वो बताएं उससे पहले सुनिए इनका प्रत्यर्पण कैसे संभव हुआ.
ये 26 जनवरी 2025 की तस्वीर है, जब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनकर आए. उस दौरान इनका कार्यक्रम पाकिस्तान जाने का भी था, लेकिन सूत्र बताते हैं भारत की ओर से सुझाव दिए जाने पर इन्होंने पाकिस्तान का कार्यक्रम रद्द किया और भारत में ही कुछ दिन तक रुके रहे. उस दौरान पीएम मोदी और सुबियातों की आतंकवाद के मुद्दे पर सहयोग की बात हुई थी.
उसके 3 महीने बाद 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम दिया जाता है तो इंडोनेशिया खुलकर न सिर्फ इसकी निंदा करता है, बल्कि वहां के राष्ट्रपति सुबियांतो इंडोनेशिया में भारत के राजदूत संदीप चक्रवर्ती को बुलाकर कहते हैं
“हमारा इस्लाम ऐसी शिक्षा नहीं देता, हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ हैं, हालांकि रास्ता बातचीत का अपनाना चाहिए”.
जिसकी जानकारी खुद संदीप चक्रवर्ती मीडिया से बातचीत में देते हैं, कई मीडिया रिपोर्ट ये दावा करती है कि बैठक के दौरान कई मौकों पर भारतीय राजदूत ने इन दोनों दुश्मनों के प्रत्यर्पण की मांग उठाई, जिसे वहां के राष्ट्रपति ने मंजूरी दी, और फिर 17 मई को एनआईए की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी होता है, जिसमें लिखा था अब्दुल्ला फयाज शेख ऊर्फ डायपरवाला और तल्हा खान को हमने मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है.
अब एनआईए की टीम इनसे ये पता करने में जुटी है कि इनका आका कौन था, इन्हें ये सब करने को किसने कहा था. एक किराये के मकान में इस तरीके की घटना को अंजाम देने का मकसद क्या था, क्या इनकी प्लानिंग हिंदुस्तान के अलग-अलग शहरों में कुछ और करने की थी या मुंबई वाली साजिश या दोबारा किसी शहर में रचना चाहते हैं, सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी ये बताती है कि ये लोग गजवा-ए-हिंद बनाना चाहते थे, भारत में इस्लामिक राज स्थापित करना चाहते थे, इससे पहले बिहार से भी इसी साजिश में कुछ साल पहले कई आरोपी पकड़े गए थे, पर इनकी गिरफ्तारी से ज्यादा चर्चे इंडोनेशिया के हैं, जिसने पाकिस्तान को एक बड़ा संदेश भेजने की कोशिश की है, वैसे पाकिस्तान और इंडोनेशिया की कोई तुलना नहीं हो सकती, क्योंकि भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते काफी गहरे हैं. न सिर्फ व्यापारिक और राजनयिक रिश्ते हैं बल्कि बौद्ध और हिंदू विरासत भी वहां से जुड़े हैं. वहां की संस्कृति से रामायण और महाभारत भी जुड़े हैं. यानि इंडोनेशिया इंडिया का खास दोस्त है, पर उसने सबसे बड़े मुस्लिम मुल्क होने के बावजूद जो काम किया है, क्या पाकिस्तान उससे सीख लेगा या फिर ऑपरेशन सिंदूर पार्ट 2 भी चलाए जाने की जरूरत है, ताकि वहां छिपे एक-एक दुश्मन को मिट्टी में मिलाया जा सके.