लखनऊ : उत्तर प्रदेश में इन दिनों दो ऐसे भाइयों की चर्चा हो रही है, जिन्होंने पहले डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया और फिर देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में जगह बनाकर अलग पहचान कायम की. बड़े भाई डॉ. अजय पाल शर्मा यूपी कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जबकि छोटे भाई डॉ. अमित पाल शर्मा 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. खास बात यह है कि दोनों इस समय प्रयागराज और कौशांबी में अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं.
मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले अजय और अमित पाल शर्मा के पिता अमरजीत शर्मा सरकारी स्कूल में पंजाबी के लेक्चरर रहे हैं। परिवार में पढ़ाई और अनुशासन का माहौल रहा. दोनों भाइयों ने मेडिकल की पढ़ाई की, लेकिन डॉक्टर बनने के बाद उनका रुझान प्रशासनिक सेवा की तरफ बढ़ा. अजय पाल शर्मा ने डेंटल सर्जरी की पढ़ाई की और बाद में यूपीएससी के जरिए आईपीएस बने.
आईपीएस अजय पाल शर्मा की पहचान उत्तर प्रदेश पुलिस के तेज-तर्रार अधिकारियों में होती है. शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर जैसे जिलों में तैनाती के दौरान अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के कारण उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के तौर पर पहचान मिली. प्रयागराज में तैनाती के दौरान माफिया अतीक अहमद के गैंग के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में भी उनकी भूमिका चर्चा में रही है. उनकी फिटनेस और अपराध के खिलाफ सख्त रवैये की वजह से उन्हें ‘सिंघम’ जैसे नाम भी दिए गए.
वहीं, अमित पाल शर्मा ने एमबीबीएस की पढ़ाई की और प्रशासनिक सेवा में आए. कौशांबी के जिलाधिकारी बनने से पहले वह प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष थे. महाकुंभ 2025 की तैयारियों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही, इससे पहले वह मेरठ के नगर आयुक्त, सोनभद्र के मुख्य विकास अधिकारी और गाजियाबाद के एसडीएम सदर जैसे पदों पर काम कर चुके हैं.
अब बड़े भाई प्रयागराज में पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और छोटे भाई पड़ोसी जिले कौशांबी के प्रशासन की कमान. दो भाइयों का इतने महत्वपूर्ण पदों पर साथ होना यूपी की प्रशासनिक दुनिया में खास चर्चा का विषय बन गया है.