तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर उड़ रहे अमेरिकी MQ-1 Predator ड्रोन को मार गिराया है. यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका लगातार ईरान पर हमले कर रहा है और क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ गई है. ईरान के सरकारी मीडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की.
उन्होंने लिखा, ''कुछ मिनट पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया है.'' हालांकि, अमेरिकी सेना या व्हाइट हाउस की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. MQ-1 Predator अमेरिका का उन्नत मानवरहित विमान है, जिसका इस्तेमाल जासूसी, निगरानी और हमले के लिए किया जाता है.
एक ड्रोन की कीमत करीब 40 लाख डॉलर (लगभग 3.4 करोड़ रुपए) बताई जाती है, जबकि इसके पूरे सिस्टम की लागत 2 करोड़ डॉलर तक हो सकती है. यह घटना अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों पर लगातार तीसरी रात हमले के बाद हुई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों पर दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी लगाने और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20% फीस लगाने का ऐलान किया है. इन फैसलों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. इस बीच, ईरानी क्रूज मिसाइल हमले में यूएई के दो टैंकर क्षतिग्रस्त हो गए, जिसमें एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई और 8 अन्य घायल हुए.
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल निर्यात का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है. यहां कोई भी टकराव न सिर्फ अमेरिका-ईरान, बल्कि पूरी दुनिया के तेल बाजार और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है. कच्चे तेल की कीमतों में पहले ही तेज उछाल देखा जा रहा है. स्थिति अत्यंत संवेदनशील है और आगे की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखने लायक हैं.