इसरो ने वायनाड भूस्खलन से पहले और बाद की तस्वीरें की जारी, हर और तबाही का मंजर

Global Bharat 01 Aug 2024 10:13: PM 1 Mins
इसरो ने वायनाड भूस्खलन से पहले और बाद की तस्वीरें की जारी, हर और तबाही का मंजर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने कहा है कि वायनाड भूस्खलन (Wayanad landslide) में 86,000 वर्ग मीटर भूमि का एक बड़ा हिस्सा विस्थापित हो गया है. इसरो के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) ने चूरलमाला के दो भूस्खलन प्रभाव मानचित्र जारी किए, जिसमें उपग्रह द्वारा ली गई तस्वीरें शामिल हैं. बता दें कि Wayanad landslide के कारण सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों घायल हो गए हैं. 30 जुलाई की तड़के, मुंडक्कई और चूरलमाला में तीन भूस्खलन हुए, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ. आपदा में मरने वालों की संख्या 250 को पार कर गई है.

NRSC के अनुसार, चूरलमाला शहर और उसके आसपास भारी बारिश के कारण मलबे का एक बड़ा प्रवाह शुरू हो गया था. 31 जुलाई, 2024 को उपग्रह के द्वारा ली गई छवियों से पता चलता है कि भूस्खलन प्रवाह की लंबाई लगभग 8 किमी थी.

भूस्खलन के मुख्य हिस्से का आकार 86,000 वर्ग मीटर था. मलबे के प्रवाह ने इरुवंजी पुझा नदी के मार्ग को चौड़ा कर दिया है, जिससे इसके किनारे टूट गए हैं और मलबे के प्रवाह से किनारे पर स्थित घरों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा. घटना-पूर्व की तस्वीरें 22 मई, 2023 को कार्टोसैट 3 उपग्रह द्वारा ली गईं, जबकि घटना के बाद की तस्वीरें 31 जुलाई को भूस्खलन के एक दिन बाद रीसैट उपग्रह द्वारा ली गईं.

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