जयशंकर ने 14 देशों के सामने पाकिस्तान को भयंकर सुनाया! सामने बैठे चीनी PM की भी बोलती बंद!

Sandeep Kumar Sharma 16 Oct 2024 06:47: PM 3 Mins
जयशंकर ने 14 देशों के सामने पाकिस्तान को भयंकर सुनाया! सामने बैठे चीनी PM की भी बोलती बंद!

कहते हैं कूटनीति से बड़ी कोई चीज नहीं होती, और जो कूटनीति में माहिर है, उनका जयशंकर हैं, जो इस्लामाबाद में कदम रखते ही पूरे पाकिस्तान को हिला देते हैं, 24 घंटे में 4 ऐसे रिएक्शन देते हैं, पूरा हिंदुस्तान उनकी नीति का कायल हो जाता है. एससीओ समिट की सुबह सबसे पहले उठते ही योग करते हैं, सूर्यनमस्कार करते हैं, और फिर मोदी सरकार के अभियान एक पेड़, मां के नाम के तहत इस्लामाबाद हाईकमीशन ऑफिस में पौधारोपण करते हैं. जिसके बारे में कई लोग कहते हैं जयशंकर ने भारत माता के नाम का पौधा वहां लगाकर बड़ा कूटनीतिक संदेश दे दिया है. इसके बाद वो एससीओ की मीटिंग में शिरकत करते हैं, जहां 14 देशों के सामने पाकिस्तान पर भयंकर बरस पड़ते हैं. पर वो बताएं उससे पहले उनकी चार तस्वीरें देख लीजिए, जो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना है.

सबसे पहली तस्वीर चश्मे वाली थी, जिसमें जयशंकर का स्वैग दिखता है, दूसरी तस्वीर शहबाज शरीफ से मुलाकात की होती है, जिसमें शहबाज उनका इंतजार करते नजर आते हैं, जबकि तीसरी तस्वीर पाकिस्तान की धरती पर अर्जुन का पौधा लगाकर नया संदेश देने की है, जिसे लोग पाकिस्तान की छाती पर मूंग दलना भी कह रहे हैं, जबकि चौथी तस्वीर सुबह-सुबह इस्लामाबाद की सैर का है, जिसमें मॉर्निंग वॉक पर निकलकर वो वहां की आबोहवा देख रहे थे.

जिसे देखकर हर कोई कह रहा है जयशंकर ने पीओके से पहले पाकिस्तान का पूरा मर्म समझ लिया है. हालांकि उधर जब दुनिया इन तस्वीरों पर चर्चा कर रही थी, तब वो इस्लामाबाद में बैठकर पाकिस्तान की पोल खोल रहे थे, चीनी प्रधानमंत्री के सामने चीनी एजेंडे पर बरस रहे थे, एससीओ की मीटिंग में 14 देशों के सामने जयशंकर  बोलना शुरू करते हैं, तो शुरुआती थोड़ी देर तक पाकिस्तानी टीवी पऱ उनकी तस्वीर छाई रहती है, लेकिन थोड़ी ही देर बाद पाकिस्तानी टीवी से उनका भाषण हटा दिया जाता है, सिर्फ इस मीटिंग को ब्रॉडकास्ट कर रही मीडिया ही इसका पूरा प्रसारण करती है, जयशंकर कहते हैं.

मैं आपसे अनुच्छेद 1 पर ध्यान देने का अनुरोध करता हूं, जो एससीओ के उद्देश्यों और काम को समझाता है. चार्टर ने साफ-साफ बताया था कि हमारी तीन मुख्य चुनौतियां हैं - आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद, जिनसे निपटने के लिए एससीओ पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. इन तीन बुराइयों को हमें दूर करना होगा. अगर हम आज की स्थिति देखें तो इन लक्ष्यों पर काम और भी महत्वपूर्ण हो गया है. अगर विश्वास की कमी है, सहयोग पर्याप्त नहीं या दोस्ती कमजोर है या अच्छे पड़ोसी जैसे संबंध कहीं गायब हो गए हैं तो हमें साफ तौर पर आत्मनिरीक्षण करने और इन समस्याओं के समाधान खोजने की जरूरत है.

इसके अलावा चीन पर बरसते हुए जयशंकर कहते हैं अगर हम दुनिया की चुनिंदा प्रथाओं को ही आगे बढ़ाएंगे खासकर व्यापार और व्यापारिक मार्गों के लिए तो SCO की प्रगति नहीं हो पाएगी. जिसका सीधा सा मतलब CPEC यानि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से था, जिसका कुछ हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है, भारत शुरू से ये बात कह रहा है कि जो पीओके हमारा है, वहां चीन कैसे अपना आर्थिक गलियारा बना सकता है, पर न तो पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आ रहा है, और ना ही चीन.

अब इस्लामाबाद की धरती पर जाकर जयशंकर ने 14 देशों के सामने पाकिस्तान को फटकार लगाई है, चीन के प्रधानमंत्री के सामने ये बात कही है, तो शायद उन्हें थोड़ी अक्ल आए, चूंकि अटल बिहारी वाजपेयी कहा करते थे हम दोस्त बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं, पर जयशंकर ने इस नारे को बदल दिया है, जयशंकर कहते हैं पड़ोसी से संबंध खराब हों तो फिर आत्ममंथन जरूरी है, शायद यही बात उन्होंने शहबाज शरीफ से मुलाकात में भी कही हो.  

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