jyoti Malhotra big update: कुछ सवाल सिर्फ सवाल नहीं होते हैं? बल्कि शक को यक़ीन में बदल देते हैं! क्योंकि इशारे जब ख़ामोशी में बदल जाते हैं, सवाल खुद पैदा हो जाते हैं! ज्योति मल्होत्रा को NIA ने हिरासत में लिया है? इसका मतलब एक ऐसा इशारा है जिसे दिल थाम कर सुनना होगा! ज्योति मल्होत्रा सिर्फ अकेली नहीं हैं? कईयों को गिरफ्तार किया जा रहा है. लेकिन NIA ने सिर्फ ज्योति से ही पूछताछ क्यों शुरू की है? इस कहानी की शुरुआत होती है? कुछ महीने पहले. ज्योति पाकिस्तान जाती है. वहां दानिश के साथ उनके कैसे रिश्ते थे, ये तस्वीरें साफ बताती हैं! ज्योति की गिरफ्तारी. NIA की एंट्री और अलग-अलग किरदारों से दो बातें साफ हो जाती हैं!
जांच की फाइल आगे बढ़ेगी, परत-दर-परत कहानी खुलेगी! उस फाइल का कोई पन्ना ज्योति मल्होत्रा के पास है, कोई दानिश के पास तो कोई पंजाब से पकड़ी गई ग़ज़ाला के पास? लेकिन NIA सिर्फ और सिर्फ ज्योति मल्होत्रा की कुंडली क्यों खंगालना चाहती है?
ज्योति के इंस्टाग्राम की एक जानकारी वायरल हो रही है? उसमें ज्योति सात जगहों पर जाती हैं? सबकुछ संदिग्ध है! थोड़ा समझिए! 5 जनवरी को ज्योति श्रीनगर गई! हैरानी की बात ये है कि वो जनवरी में दूसरी बार भी कश्मीर जाती है? ये बात थोड़ी खटकती है! वहां से लौटने के बाद फरवरी महीने में वो इंडिया के कई शहरों में जाती है! और मार्च में वो पाकिस्तान जाती है. पाकिस्तान जाते ही उसकी मुलाकात ISI एजेंट राणा और दानिश के कहने पर कई संदिग्धों से होती है?क्या वहां पर ज्योति ने सबकुछ बताया था, कि कहां सिक्योरिटी है, कहां नहीं है? क्या ज्योति ने ही पहलगाम को चुना था? अंजाम आतंकियों ने दिया है?
ऐसा दावा इसलिए किया जाता है, क्योंकि एक वक्त तक इंसान लग्ज़री लाइफ़ के शौक में ISI के संपर्क में आ जाता है, फिर ISI अपना ऐसा जाल बिछाता है कि उससे बाहर निकल पाना नामुमकिन होता है! ज्योति मल्होत्रा के कई प्राइवेट वीडियो और फोटो भी ISI के पास हो सकते हैं? ज्योति ISI की कठपुतली बन गई, पाकिस्तान की पूरी ताकत ज्योति की सेवा में क्यों थी? इस तस्वीर को देखिए, ये है ज्योति का ट्रेन में चाय पकड़ाने वाला पाकिस्तान रेलवे का पुलिसकर्मी? ज्योति से ऐसा क्या मिल रहा था कि पाकिस्तान सरकार सबकुछ इंतज़ाम करवा रही थी? अभी तक की जांच से ये पता चलता है कि ज्योति एक ISI एजेंट हैं! उसमें और आतंकियों में कोई फर्क नहीं है? जैसे ख़ामोशी ज्यादा हो तो तूफ़ान की आहट समझी जाती है, ठीक वैसे ही ज्योति के चेहरे की ज़रूरत से ज्यादा मुस्कान किसी बड़ी कुंडली की तरफ इशारा करती है!