नई दिल्ली: हाल ही में वकील राकेश किशोर ने सर्वोच्च अदालत में मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर जूता फेंकने का प्रयास किया था. इस घटना ने पूरे देश में राजनीतिख सनसनी मचा दी है. इसी बीच कर्नाटक BJP के नेता और पूर्व बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने भी विवादित बयान देकर हंगामा खड़ा कर दिया. हालांकि विवाद बढ़ता देख उन्होंने माफी मांग ली है. दरअसल, पूर्व कमिश्नर ने चिंता जताते हुए राकेश की हिम्मत की सराहना की और विवाद भड़कने के बाद बुधवार को X पर माफी मांग ली.
राव ने माफी में लिखा, "मेरा बयान आश्चर्य और झटके से उपजा था. इतने पढ़े-लिखे, बुजुर्ग और अनुभवी व्यक्ति द्वारा इतने घिनौने और गैरकानूनी कृत्य के परिणामों को जानते हुए भी ऐसा करना हैरान करने वाला था. उन्होंने स्पष्ट किया कि मेरा इरादा सुप्रीम कोर्ट, CJI या किसी समुदाय का अपमान करने का बिल्कुल नहीं था. यदि मेरे ट्वीट से किसी की भावनाएं आहत हुईं, तो मैं दिल से माफी मांगता हूं.
इससे पहले, राव ने X पर एक मीडिया रिपोर्ट शेयर करते हुए राकेश की तारीफ की थी, जो बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा उनके निलंबन से जुड़ी थी. उन्होंने लिखा था कि हालांकि यह कानूनी रूप से गलत और निंदनीय है, लेकिन आपकी साहस की मैं कद्र करता हूं. इस उम्र में खड़े होकर परिणाम झेलना आसान नहीं.
इस घटना की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तीखी रहीं. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इसे कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट न्याय का मंदिर है. वहां ऐसी गुंडागर्दी बिल्कुल अस्वीकार्य है. दोषी पर कठोर कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने आगे जोड़ा कि भले ही CJI ने माफ कर दिया हो, फिर भी इसकी स्वत: संज्ञान में FIR दर्ज होनी चाहिए.
इधर, कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वरा ने इसे और गंभीरता से लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं. परमेश्वरा ने कहा, "CJI गवई दलित समुदाय से आते हैं, उनकी उपलब्धियां पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय हैं. उन पर हमला देश की साख को धक्का है."