नई दिल्ली: केरल पुलिस ने गुरुवार को दिल्ली में हुए एक विवादास्पद मामले में जीरो FIR दर्ज की है. NSUI की कार्यकर्ता और दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ स्टूडेंट अथीरा विजयन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने की शिकायत की थी. यह घटना 13 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में NSUI के फ्लैश प्रोटेस्ट के दौरान हुई.
अथीरा, जो केरल के कोझिकोड जिले की रहने वाली हैं, ने राज्य के पुलिस प्रमुख को शिकायत दी. इसके बाद तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस थाने में जीरो FIR (क्राइम नंबर 1447/2026) दर्ज की गई. FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें महिला पर हमला, कपड़े फाड़ने का प्रयास, स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, गलत तरीके से रोकना, गाली-गलौज और आपराधिक धमकी शामिल हैं.
FIR में फिलहाल किसी पुलिस अधिकारी या व्यक्ति का नाम आरोपी के रूप में नहीं लिया गया है. शिकायत के अनुसार, अथीरा और अन्य प्रदर्शनकारियों को बस में कनॉट प्लेस ले जाया गया. वहां उन्हें सड़क पर जबरदस्ती घसीटा गया. आरोप है कि उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की गई. कनॉट प्लेस पुलिस थाने के पास उन्हें चेहरे पर मारा गया, हाथ पीछे मोड़े गए, निजी अंगों और निचले पेट में लात मारी गई.
जब उन्होंने फोन छीनने का विरोध किया तो दुपट्टे से गला दबाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई. गर्दन में चोट लगने के कारण उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा. जीरो FIR किसी भी थाने में दर्ज की जा सकती है, भले ही घटना कहीं और हुई हो. अब यह मामला दिल्ली के संबंधित थाने को ट्रांसफर कर आगे की जांच की जाएगी. केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि प्रदर्शन में हिस्सा लेना कोई अपराध नहीं है.
उन्होंने दिल्ली पुलिस पर गंभीर गलती का आरोप लगाया और कहा कि केरल सरकार कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाएगी. गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने उसी प्रदर्शन के दौरान डिटेंशन बस में हुए झगड़े को लेकर NSUI की महिला कार्यकर्ताओं के खिलाफ अलग FIR दर्ज की थी.