‘जम्मू-कश्मीर में इजाजत, तमिलनाडु में मना?’ थलपति विजय की पुलिस पर भड़का मद्रास हाईकोर्ट

Amanat Ansari 14 Oct 2026 07:42 PM 1 Mins
‘जम्मू-कश्मीर में इजाजत, तमिलनाडु में मना?’ थलपति विजय की पुलिस पर भड़का मद्रास हाईकोर्ट

चेन्नई: मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु पुलिस (थलपति विजय सरकार) पर तीखा सवाल किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की रैलियों को जम्मू-कश्मीर जैसे आतंकवाद प्रभावित इलाके में अनुमति दी जाती है, तो शांतिपूर्ण तमिलनाडु में क्यों नहीं? न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायण ने RSS के प्रदेश सचिव जगदीसन की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि सत्ता में चाहे कोई भी पार्टी हो, RSS रैलियों पर पाबंदियां लगती रही हैं.

उन्होंने गौर किया कि मौजूदा सरकार के तहत द्रविड़ कड़गम, द्रमुक, अन्नाद्रमुक और RSS को भी अनुमति देने से इनकार किया जा रहा है. न्यायाधीश ने सवाल किया कि न्यायालय के पिछले निर्देशों के बावजूद इजाजत क्यों नहीं दी जा रही. उन्होंने कहा कि अनुमति न देने से सरकार उस संगठन को बेवजह प्रचार दे सकती है. जगदीसन ने याचिका में 18 या 25 अक्टूबर या 1 नवंबर को रैलियां करने की अनुमति मांगी थी.

उन्होंने डीजीपी को आवेदन दिया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. वरिष्ठ अधिवक्ता एनएल राजा ने कहा कि हाईकोर्ट ने हर साल RSS रैलियों की अनुमति देने का निर्देश दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था, फिर भी इनकार किया जा रहा है.

महाधिवक्ता विजय नारायण ने कहा कि आवेदन कम से कम 21 दिन पहले देना चाहिए, जबकि यह 3 अक्टूबर को दिया गया. प्रस्तावित रास्ते उन इलाकों में हैं जहां अनुमति नहीं दी जा सकती और त्योहारों के मौसम में रैलियों से जनता को परेशानी हो सकती है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता और उनके अधिवक्ता को सरकारी मुख्य आपराधिक वकील आर जॉन सत्यन से बात करने का निर्देश दिया और मामले को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया.

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