समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव के "मानसून ऑफर" की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश (UP) के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya) ने इसे "मुंगेरीलाल के हसीन सपने" करार दिया है. शोसल मीडिया प्लेट फॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जनता और कार्यकर्ता 2027 में 47 पर मानसून ऑफर को समाप्त कर देंगे.
मौर्य ने अपने पोस्ट में कहा कि एक डूबता हुआ जहाज और एक मरती हुई पार्टी जिसका वर्तमान और भविष्य दोनों खतरे में है. वह मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख सकते हैं, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया जा सकता. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि 2017 विधानसभा चुनाव परिणाम, 2027 में दोहराया जाएगा और 'कमल' सरकार फिर से बनेगी.
बता दें कि 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों में, समाजवादी पार्टी केवल 47 सीटें जीतने में सफल रही, जबकि भाजपा ने अकेले दम पर 40 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर के साथ 312 सीटें जीतीं.
बताते चलें कि इससे पहले मौर्य ने अपने कार्यालय से एक्स पर एक पोस्ट कर हलचल मचा दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था संगठन सरकार से बड़ा है, कार्यकर्ताओं का दर्द मेरा दर्द है. संगठन से बड़ा कोई नहीं है, कार्यकर्ता ही मेरा गौरव हैं. इस पोस्ट ने विपक्ष को यह अनुमान लगाने पर मजबूर कर दिया कि यह भाजपा में संतुष्ट नहीं हैं.
इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता के लिए भाजपा की लड़ाई का मतलब है कि वह जनता के बारे में नहीं सोच रही है. जिसके बाद उन्होंने "मानसून ऑफर" की घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने 100 विधायक लाने और उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए कहा. एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा गया था, "मानसून ऑफर: सौ लाओ, सरकार बनाओ!"
अखिलेश यादव ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा था कि केशव मौर्य का मुख्यमंत्री बनने का सपना है और अगर वह अपने साथ 100 विधायक ला सकते हैं, तो समाजवादी पार्टी उन्हें सरकार बनाने के लिए पूरा समर्थन देगी. बता दें कि भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास 403 सदस्यीय विधानसभा में 283 सीटें हैं, जबकि सपा के नेतृत्व वाले भारत ब्लॉक के पास 107 सीटें हैं.