चेन्नई: किलपौक के भवन राजाजी विद्याश्रम स्कूल में एक हिंदी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है. टीचर पर कक्षा तीन के एक छात्र को हिंदी कविता नगीं सुनाने पर पीटने का आरोप लगा है. छात्र के माता-पिता द्वारा स्कूल प्रबंधन को दी गई लिखित शिकायत में बताया गया है कि टीचर ने उसे स्कूल में प्रवेश करने से रोकने की भी धमकी दी. शिकायत के बाद, स्कूल प्रशासन ने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की.
छात्र के माता-पिता ने मीडिया को बताया कि यह घटना कुछ दिन पहले हुई थी. उसका बेटा उस दिन परेशान था. छात्र के परिजनों ने कहा कि हमने स्कूल से कार्रवाई करने का अनुरोध किया था, और हमें विश्वास है कि वे बच्चे के पक्ष में प्रबंधन कार्रवाई जरूर करेंगे. वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल पीजी सुब्रमण्यम ने मीडिया को जानकारी देने से इनकार कर दिया है. निजी स्कूलों के निदेशक एम पलानीसामी ने कहा कि उन्होंने अभी तक मामले की जांच नहीं की है. उन्होंने कहा कि मैं स्कूल प्रबंधन से बात करूंगा और सोमवार को एक रिपोर्ट जारी करूंगा.
निदेशक ने कहा कि सीबीएसई छात्रों के खिलाफ शिक्षकों द्वारा किसी भी तरह की हिंसा के प्रति सख्त "शून्य सहिष्णुता" नीति रखता है. बोर्ड के दिशा-निर्देशों में इस बात पर जोर दिया गया है कि शारीरिक दंड देना सख्त वर्जित है और किसी भी तरह के शारीरिक, मौखिक या भावनात्मक दुर्व्यवहार के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें शिक्षक को निलंबित या बर्खास्त करना भी शामिल है.
वहीं, छात्र-अभिभावक कल्याण संघ की सदस्य धरणी प्रभा ने कहा कि स्कूलों को ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग और समाधान के लिए तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. स्कूल प्रबंधन समितियों को नियमित रूप से ऐसी चिंताओं की समीक्षा करनी चाहिए और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. प्रभा ने कहा कि शिक्षकों से अपेक्षा की जाती है कि वे एक सहायक शिक्षण वातावरण को बढ़ावा दें और जानबूझकर छात्रों को शर्मिंदगी या निराशा का सामना न करवाएं.